लखनऊ

CM योगी पर अखिलेश यादव का तंज, कहा- 7000 करोड़ का कॉस्मेटिक फेशियल करवाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड

Akhilesh Yadav Statement on CM Yogi Adityanath: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विज्ञापनों पर 7000 करोड़ रुपये खर्च करने को लेकर सीएम योगी पर निशाना साधा है।
2 min read
Aug 07, 2026
Akhilesh Yadav
अखिलेश यादव (फाइल फोटो- पत्रिका)

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापन खर्च को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई के करीब 7000 करोड़ रुपये सिर्फ अपनी छवि चमकाने में उड़ा दिए। अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसते हुए लिखा, 'मुख्यमंत्री जी ने 7000 करोड़ रुपये का कॉस्मेटिक फेशियल करवाकर एक नया 'विश्व रिकॉर्ड' कायम कर दिया है।'

शिक्षा और रोजगार पर खर्च होता पैसा

अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री ने अपनी झूठी छवि को सच्ची दिखाने के लिए हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए हैं। उन्होंने इस खर्च को प्रदेश के लिए निंदनीय बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश आज भी गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, एमएसपी, बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है। सपा प्रमुख ने दावा किया कि यदि इतनी ही बड़ी रकम शिक्षा के क्षेत्र में लगाई जाती तो केजी से लेकर पीजी और रिसर्च तक की 2-3 विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी आसानी से बनाई जा सकती थीं जिससे प्रदेश के युवाओं का भविष्य संवर जाता।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षा और युवाओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने नियो इंडिया का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश तरक्की और खुशहाली के नए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

विज्ञापन के मुद्दे के अलावा अखिलेश यादव ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर भी योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सड़क धंसने और मरम्मत के दौरान पंखों से सड़क सुखाने का एक पोस्ट भी शेयर किया है। पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि, 'यह भाजपाई तरक्की की नई हवा।' अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिस एक्सप्रेसवे का कुछ दिन पहले ही उद्घाटन हुआ हो उसे इतनी जल्दी बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।

तेज रफ्तार का जोखिम कौन उठाएगा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि एक्सप्रेसवे के मरम्मत वाले हिस्से को जल्दी सुखाने के लिए वहां पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो इस पूरी स्थिति को और भी ज्यादा हास्यास्पद बना देता है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि जब उद्घाटन के महज दो से तीन सप्ताह के भीतर ही एक्सप्रेसवे कई बार मरम्मत मांग रहा है तो उस पर तेज रफ्तार से सफर करने का जोखिम भला कौन इंसान उठाएगा।