लखनऊ

यूपी कैबिनेट विभाग बंटवारे पर अखिलेश का तंज, ‘अपने लोग फिस्स, आन गांव का सिद्ध!’

UP Cabinet Portfolio Allocation : यूपी में विभागों के बंटवारे पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर कसा तंज। कहा- 'अपने लोग फिस्स, आन गांव का सिद्ध!' जानें किस नए मंत्री को मिला कौन सा विभाग और क्यों गरमाई है सियासत।

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May 18, 2026
अखिलेश यादव ने भाजपा के मंत्रिमंडल बंटवारे पर साधा निशाना, PC- ANI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के एक सप्ताह बाद रविवार 17 मई को नए मंत्रियों को विभाग आवंटित कर दिए गए। इस बंटवारे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखा तंज कसा है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा- अपने लोग फिस्स, आन गांव का सिद्ध! उन्होंने इशारा किया कि भाजपा ने अपने वफादार नेताओं को नजरअंदाज करते हुए सपा के बागी नेता मनोज पांडेय को महत्वपूर्ण विभाग सौंपकर ज्यादा भरोसा जताया है।

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मनोज पांडेय को मिला अहम विभाग

मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद विभाग दिया गया है, जिसे काफी संवेदनशील और अहम माना जाता है। अखिलेश यादव ने इसी को लेकर सवाल उठाया है कि भाजपा अपने लोगों को तरजीह देने के बजाय 'बाहर वाले' पर भरोसा कर रही है।

मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल नए मंत्रियों को दिए गए प्रमुख विभाग निम्नलिखित हैं:

  • भूपेंद्र चौधरी (भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री): सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग
  • अजीत पाल सिंह (स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री): खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
  • सोमेंद्र तोमर (स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री): राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल
  • कृष्णा पासवान (राज्य मंत्री): पशुधन एवं दुग्ध विकास
  • सुरेंद्र दिलेर (राज्य मंत्री): राजस्व विभाग
  • हंसराज विश्वकर्मा (राज्य मंत्री): MSME विभाग
  • कैलाश राजपूत (राज्य मंत्री): ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग

गौरतलब है कि 10 मई को कैबिनेट विस्तार में दो कैबिनेट मंत्रियों और चार राज्य मंत्रियों की नियुक्ति की गई थी, जिसमें दो राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार का दर्जा भी दिया गया।

अखिलेश यादव का यह तंज यूपी की सियासत में नए मंत्रिमंडल और विभाग बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है, जहां भाजपा आंतरिक समीकरण और वफादारी को लेकर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

कहा था क्या दिल्ली से आएगी मंत्रियों की पर्ची

इससे पहले भी अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा था कि क्या मंत्रियों के विभागों के बंटवारे की पर्ची दिल्ली से आएगी। तभी विभागों का बंटवारा हो पाएगा। मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ़ ये है कि मंत्रालय-विभाग की ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे के डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नये मंत्री बने हैं वो बेचारे तो बस दर्शक दीर्घा में बैठकर, गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं।

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