
शहर से लगे सभी हाईवे पर अब स्वास्थ्य विभाग भी अपनी एम्बुलेंस लगाएगा। हर रूट पर 108 एम्बुलेंस के साथ एक-एक एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भी लगाई जाएगी। अभी सिर्फ एनएचएआई ने 1033 पर आ रही इमरजेंसी कॉल के लिए टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस लगाई हैं। हाल ही में किए गए सर्वे में सामने आया है कि हाईवे पर हादसों के समय कम से कम दो-तीन एम्बुलेंस की जरूरत पड़ती है। उसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त एम्बुलेंस की तैनाती शुरू की। अभी से ही दिल्ली रूट हाईवे पर दो एम्बुलेंस को तैनात किया है जबकि उरई पर एएलएस को लगाया जाएगा।
अपर निदेशक स्वास्थ्य ने निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कानपुर नगर और कन्नौज में जीटी रोड के साथ ही अरौल में भी एम्बुलेंस तैनात करने को कहा है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को देखते हुए एक एएलएस सीमा पर तैनात किया गया है। यानि सरसौल, घाटमपुर और जाजमऊ में भी इसे तैनात करने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश के साथ साथ प्रदेश से जुड़े राज्यों के लिए भी ये एंबुलेंस मदद पहुंचाएंगी। मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड तक जाने वाले रास्तों में मदद के लिए होंगी।
इटावा और औरैया में दिल्ली हाईवे पर एम्बुलेंस को लगाया जाएगा। सभी को सोमवार से तैनाती के लिए कहा गया है इसलिए हाईवे पर लोग 1033 के साथ अब 108 पर काल कर एम्बुलेंस को मंगा सकते हैं। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ.जीके मिश्र के मुताबिक हाईवे पर हादसों में एनएचएआई के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की भी एम्बुलेंस मिलेगी।
डॉ जीके मिश्र का कहना फिलहाल हाईवे के सभी उन रूटों पर तैनाती के लिए कहा गया है, जहां पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट हो रहे हैं। एक्सीडेंट के साथ ही अचानक तबीयत खराब होने पर भी एम्बुलेंस मदद करेंगी। एंबुलेंस में प्रशिक्षित एक्सपर्ट टीम के साथ लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ मौजूद रहेगी।