Blackout In UP : पूरे यूपी में शाम 6 बजे ब्लैकआउट हो गया। तेज सायरन बजे लोगों ने अपने घरों और दुकानों की लाइट बंद कर दी।
लखनऊ : अचानक सायरन की तेज आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। सड़कों पर चल रहे लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। दुकानदारों ने आनन-फानन में शटर गिरा दिए। कुछ ही पलों में पूरे इलाके की लाइट गुल हो गई। आसमान में सेना के हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी। लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है।
दरअसल, यह कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में आयोजित की गई एक बड़ी लाइव मॉक ड्रिल थी। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य युद्ध, हवाई हमले और आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और आम लोगों की तैयारियों को परखना था।
मॉक ड्रिल के दौरान कई जिलों में ब्लैकआउट किया गया। सायरन बजते ही पुलिस, होमगार्ड, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें अलर्ट मोड में आ गईं। सेना के हेलीकॉप्टरों ने लो-फ्लाइंग कर हालात को बिल्कुल वास्तविक बना दिया।
कुछ जगहों पर घायलों को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए, तो कहीं मलबे में फंसे लोगों को रेस्क्यू करते हुए टीमें नजर आईं। एंबुलेंस की सायरन और वायरलेस सेट पर चल रही बातचीत ने माहौल को पूरी तरह युद्ध जैसी स्थिति में बदल दिया।
मॉक ड्रिल शुरू होने से पहले प्रशासन की ओर से अपील की गई थी कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। इसके बावजूद अचानक बदले हालात से कुछ देर के लिए लोग सहम गए।
अधिकारियों का कहना है कि इस अभ्यास का मकसद आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम करना, संसाधनों की जांच करना और आम नागरिकों को सतर्क करना है।
अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में यह अब तक की सबसे व्यापक मॉक ड्रिल में से एक है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग जिलों में इसी तरह के अभ्यास किए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।