
Brijbhushan vs Rahul Gandhi Bihar Election 2025: पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भाषा किसी गंभीर नेता की नहीं, बल्कि चौराहे के रंगबाज जैसी लगती है। बृजभूषण ने कहा कि राहुल गांधी शहर के नहीं, बल्कि चौराहे के रंगबाज प्रतीत होते हैं और उनके ऐसे बयान भाजपा के लिए स्टार प्रचारक की तरह काम करते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस परिवार के तीन-तीन सदस्य प्रधानमंत्री रहे, उसी घर का एक सदस्य प्रधानमंत्री पद की गरिमा को समझ नहीं पा रहा। दरअसल, यह विवाद तब बढ़ा जब बिहार के मुजफ्फरपुर में राहुल गांधी ने चुनावी मंच से कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता की मांग पर स्टेज पर डांस भी कर सकते हैं और चुनाव के बाद दिखाई नहीं देंगे।
बिहार में विधानसभा चुनाव के बीच अनंत सिंह पर हत्या के आरोप को लेकर बृजभूषण शरण सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह पर लगाए गए आरोपों में उन्हें व्यक्तिगत रूप से सच्चाई नज़र नहीं आती। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी होना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इस घटना का राजनीतिक नुकसान नहीं, बल्कि लाभ अनंत सिंह को ही मिलेगा।
बृजभूषण ने दावा किया कि जिस तरह घटना का विवरण सामने आ रहा है, वह तथ्यों से मेल नहीं खाता। कहा गया कि दोनों काफिले अगल-बगल से निकल गए थे, लेकिन घटना का कोई स्पष्ट वीडियो उपलब्ध नहीं है। उनका आरोप है कि पहले अनंत सिंह के काफिले पर पथराव हुआ, जिसके बाद प्रतिक्रिया में यह घटना हुई।
उन्होंने तर्क दिया कि अनंत सिंह लगभग 50 गाड़ियां आगे थे, ऐसे में यह संभव नहीं कि वह वापस लौटकर गोली चलाएं और फिर बिना किसी वीडियो सबूत के आगे निकल जाएं।
बिहार चुनावी प्रचार में RJD नेता तेजस्वी यादव द्वारा जीत के बाद शपथ की तारीख घोषित करने पर भी बृजभूषण ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कौन क्या कहता है, इस पर प्रतिक्रिया देना उचित नहीं, लेकिन वह पवित्र स्थल से खड़े होकर भरोसे के साथ कह रहे हैं कि बिहार में बीजेपी गठबंधन और नीतीश कुमार की ही सरकार बनने जा रही है।
बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी बताया कि चुनाव प्रचार के लिए उन्हें बिहार में लगातार बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व का फोन आया था और बिहार में उनकी डिमांड बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का व्यक्ति जब बिहार जाता है, तो वहां के लोग उसे अपनापन देते हैं, क्योंकि दोनों प्रदेशों की संस्कृति और खून का रिश्ता आपस में जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उन्हें कल भी बिहार जाना है, क्योंकि कई क्षेत्रों में उनके प्रचार की मांग की गई है।