
Deputy CM Brajesh Pathak: उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे चुनावी माहौल गर्माने लगा है, नेताओं की जबान और उनके दांव भी तेज होने लगे हैं। इस बार केंद्र में है ब्राह्मण वोटर। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा ब्राह्मणों को साधने के लिए सम्मेलन बुलाने की खबरों पर राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जोरदार हमला बोला है।
ब्रजेश पाठक ने साफ शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से सिर्फ जाति-पात और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझी रही है। जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, सपा को अलग-अलग जातियों की याद आने लगती है, लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता और खासकर प्रबुद्ध समाज अब इनके झांसे में आने वाला नहीं है।
डिप्टी सीएम ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लोग आज भी भूले नहीं हैं। उनके कार्यकाल में किस तरह से तुष्टिकरण की नीतियां चलीं और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ीं, यह बात प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी का इतिहास ही वर्ग-विशेष को बढ़ावा देने और दूसरों की अनदेखी करने का रहा हो, वह आज किस मुंह से सम्मेलन करने की बात कर रही है।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मूल मंत्र पर काम करती है। हमारी सरकार में हर वर्ग और हर समाज को बिना किसी भेदभाव के सम्मान और बराबरी का मौका मिला है। बीजेपी किसी एक जाति को सिर्फ चुनाव जीतने का जरिया या वोट बैंक नहीं मानती, बल्कि पूरे समाज को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब सत्ता में रहने का समय था, तब सपा नेताओं ने सिर्फ अपने परिवार और खास लोगों का भला किया। अब जब जनता ने उन्हें लगातार नकार दिया है, तो वे कभी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक का राग अलापते हैं तो कभी सम्मेलनों के जरिए नए समीकरण साधने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है।
बीजेपी नेता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का प्रबुद्ध समाज पूरी तरह से समझदार है। लोग जानते हैं कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का माहौल किस सरकार में बना है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भी जनता सपा के इन तमाम बयानों और जातीय दांव-पेंच का करारा जवाब देगी और बीजेपी एक बार फिर पूर्ण बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी।