मायावती ने जेल में बंद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का समर्थन किया है। मायावती ने गुरुवार को एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि आजम खान को करीब सवा 2 साल से जेल में बंद रखना लोगों की नजर में न्याय का गला घोंटने जैसा है।
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) विधायक आजम खान (Azam Khan) पर एक और केस होने के बाद ईडी की कार्रवाई हुई है। इसके बाद अब बसपा (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) ने गुरुवार को आजम खान के लिए अपना समर्थन जताया है। उन्होंने बीजेपी (BJP) सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा, कि दो साल से आजम खान को जेल में रखना अन्याय नहीं तो क्या है? बता दें, मायावती ने ट्वीट के जरिए यूपी की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है।
कांग्रेस की राह पर चल रही भाजपा
दरअसल, बीएसपी सुप्रीम मायावती ने गुरुवार 12 मई को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक तीन ट्वीट किए है। ट्वीट करते हुए मायावती ने लिखा, यूपी व अन्य बीजेपी शासित राज्यों में भी, कांग्रेस की ही तरह, जिस प्रकार से टारगेट करके गरीबों, दलितों, अदिवासियों एवं मुस्लिमों को जुल्म-ज्यादती व भय आदि का शिकार बनाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है, यह अति-दुःखद, जबकि दूसरों के मामलों में इनकी कृपादृष्टि जारी है।
आजम खान को लेकर कही ये बात
वहीं, अपने दूसरे ट्वीट में बीएसपी चीफ मायावती आजम खान के समर्थन में नजर आईं। मायावती ने लिखा, 'इसी क्रम में यूपी सरकार द्वारा अपने विरोधियों पर लगातार द्वेषपूर्ण व आतंकित कार्यवाही तथा वरिष्ठ विधायक मोहम्म्द आज़म खान को करीब सवा दो वर्षों से जेल में बन्द रखने का मामला काफी चर्चाओं में है, जो लोगों की नज़र में न्याय का गला घोंटना नहीं तो और क्या है?'
भय व आतंक का शिकार बनाकर रोजी-रोटी छीन रही
वहीं, तीसरे ट्वीट में मायावती ने लिखा, 'देश के कई राज्यों में जिस प्रकार से दुर्भावना व द्वेषपूर्ण रवैया अपनाकर प्रवासियों व मेहनतकश समाज के लोगों को अतिक्रमण के नाम पर भय व आतंक का शिकार बनाकर, उनकी रोजी-रोटी छीनी जा रही है, वह अनेकों सवाल खड़े करता है जो अति-चिन्तनीय भी है।'
पहली बार आजम खान के लिए छलका मायावती का दर्द
गौरतलब है कि सीतापुर जेल में बंद सपा विधायक की जमानत को लेकर बीते कई दोनों से चर्चा जोरों पर है। आजम खान पर करीब 80 मुकदमे अभी भी चल रहे हैं। इन दो सालों सपा प्रमुख अखिलेश यादव महज एक बार आजम खान से मिलने जेल गए हैं, लेकिन उनकी रिहाई के लिए किसी तरह की कोई पहल नहीं की गई। वहीं उनकी जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच ये पहला मौका है, जब मायावती आजम खान को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।