पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से Apple Company Sales Manager विवेक तिवारी की मौत मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। CCTV फुटेज से खुला यूपी पुलिस का झूठ
लखनऊ. पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली से apple company के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की मौत मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। राजधानी के गोमतीनगर इलाके में जिस जगह कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने विवेक तिवारी को गोली मारी थी, वहां का सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही up police के सारे दावों की पोल खुल गई। फुटेज में जो दिख रहा है वह पुलिस की कहानी से कतई मेल नहीं खाता। वारदात के बाद आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने कहा था कि विवेक तिवारी की गाड़ी खड़ी थी, जबकि cctv Footage में साफ दिख रहा है कि गाड़ी कहीं भी खड़ी नहीं हुई और वह बराबर चल रही थी। इसके अलावा आरोपी कॉन्स्टेबल ने अपने बयान में कहा था कि विवेक तिवारी ने उस पर तीन बार गाड़ी चढ़ाने के लिए आगे बढ़ाई, जबकि सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कहा जा सकता है कि मृतक विवेक तिवारी के साथ गाड़ी में मौजूद उनकी महिला सहकर्मी सना का दावा सही था, कि गाड़ी कहीं खड़ी नहीं थी। मर्डर की मौत के बाद सना ने बताया था कि वह विवेक तिवारी के साथ उनकी गाड़ी से जा रही थीं, तभी सामने से अचानक से दो पुलिसकर्मी आए और कार को रोकने के लिए इशारा किया। पुलिसकर्मियों के इशारे पर विवेक तिवारी ने अपनी गाड़ी रोक दी। तभी एक सिपाही ने अपनी पिस्तौल से विवेक पर गोली चला दी। कॉन्स्टेबल की गोली लगने से विवेक घबरा गए और उन्होंने अचानक गाड़ी बढ़ा दी।
इस हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस की जो थ्योरी सामने आई थी, उसके मुताबिक UP police constable ने विवेक तिवारी रोकने की कोशिश की तो उसने अपनी कार चढ़ाने के लिए अचानक भगाई। अपनी जान बचाने के लिए सिपाही प्रशांत चौधरी ने विवेक पर फायरिंग कर दी। प्रशांत की गोली विवेक की ठोढ़ी से होते हुए सिर में जा लगी, जिसके बाद विवेक की गाड़ी आगे जाकर एक दीवार से टकरा गई। राजधानी के लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने विवेक तिवारी को मृत घोषित कर दिया।
विवेक की गाड़ी से भी हुई छेड़छाड़
मृतक विवेक की गाड़ी की पुरानी और रविवार को खींची गई नवीनतम तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो हड़कंप मच गया। नई तस्वीरों में मृतक की एक्सयूवी काफी क्षतिग्रस्त दिख रही थी, जबकि घटना वाले दिन गाड़ी की सिर्फ हेडलाइट और एक तरफ का एक हिस्सा ही प्रभावित हुआ दिखा था। रविवार को गोमती नगर थाने पहुंचे लोगों की नजर जब विवेक की गाड़ी पर पड़ी तो भौंचक्के रह गये। क्योंकि गाड़ी काफी हद तक क्षतिग्रस्त दिख रही थी। मसलन रविवार को खींची गई तस्वीरों में गाड़ी की नंबर प्लेट गायब है, दोनों हेडलाइट्स टूटी हैं, जबकि पहले की तस्वीरों में न तो गाड़ी की नंबर प्लेट, और न ही गाड़ी इतनी क्षतिग्रस्त थी। इसके अलावा गाड़ी का बंफर भी ज्यादा डैमैज नजर आ रहा था। मीडिया के सवालों पर एक पुलिस अफसर ने कहा कि गाड़ी को टोचन कर थाने लाया गया था, जिसके चलते गाड़ी का कुछ अतिरिक्त हिस्ता क्षतिग्रस्त हो गया होगा।