लखनऊ

संघ की नसीहत पर अमल शुरू, योगी ने गिनाए संकल्प पत्र वादे, पहुंचे केशव के घर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भाजपा संगठन व सरकार में तालमेल बढ़ाने के साथ धरातल पर कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया है
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Updated: 22 Jun 2021, 6:31 PM IST
 cm yogi meeting with deputy cm keshav prasad maurya update

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उप्र में भाजपा (BJP) ने राष्ट्रीय स्वंय संघ (RSS) की नसीहत पर काम शुरू कर दिया है। यूपी पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से भाजपा के 2017 के घोषणा पत्र में किए वादों का सिलसिलेवार ब्योरा लिया। फिर उन्हें संघ और पार्टी पदाधिकारियों के साथ समन्वय बिठाने की सीख दी। पार्टी के पिछड़े और अनुसूचित जाति के नेताओं को साथ लेकर चलने की भी बात कही गयी। इसी क्रम में योगी आदित्यनाथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के घर पहुंचे और भोजन ग्रहण किया।

भाजपा का शीर्ष नेतृत्व यूपी में 2022 के चुनाव (uttar pradesh assembly elections 2022) को हर हाल में जीतना चाहता है। इसलिए लगातार बैठकें जारी हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भाजपा संगठन व सरकार में तालमेल बढ़ाने के साथ धरातल पर कार्यकर्ताओं और जनता से संवाद बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया है। लखनऊ में दो दिन से बैठक कर रहे बीएल संतोष ने सोमवार को निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में संघ के क्षेत्रीय पदाधिकारियों व भाजपा के नेताओं के साथ मिलकर मंथन किया। फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी बैठक कर उन्हें फीड बैक दिया। मंगलवार को कार्यकर्ताओं के बीच मनभेद और मतभेद को दूर करने का सिलसिला चला।

साढ़े चार साल में पहली बार मौर्य के घर पहुंचे
लखनऊ में योगी और मौर्य के बंगले के बीच में सिर्फ एक बंगला है। लेकिन योगी को 5 केडी से 7 केडी तक पहुंचने में साढ़े चार साल लग गए। मंगलवार को आदित्यनाथ पहली बार उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद के घर पहुंचे। उनके साथ संघ के सह सर कार्यवाह कृष्णगोपाल, महामंत्री संगठन बीएल संतोष और कोर कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे। बताया गया कि योगी मौर्य को बेटे की शादी की बधाई देने पहुंचे थे। लेकिन, राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि वह नाराज चल रहे मौर्य को मनाने पहुंचे थे। सभी ने उनके घर लंच भी लिया।

मौर्य ने कहा था सीएम का फैसला चुनाव बाद
बीते दिनों केशव मौर्य ने बयान दिया था कि यूपी में मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव के बाद तय किया जाएगा। जिसे बाद सरकार और संगठन दोनों अलर्ट हो गए थे। माना गया था कि सरकार में एकता की कमी है। इसलिए बेटे-बहू को आशीर्वाद के बहाने योगी मौर्य के घर पहुंचे।

शर्मा ने कहा, योगी का ही रहेगा नेतृत्व
पूर्व नौकरशाह अरविंद कुमार शर्मा ने भी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखकर उपाध्यक्ष बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है और कहाकि, यूपी का चुनाव 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

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