मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों को बड़ी सौगात देने जा रही है। CM योगी ने शिक्षा मित्रों की रिटायरमेंट उम्र (Shiksha Mitra Retirement Age) 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की तैयारी की है।
उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों की सेवा अवधि बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उनकी रिटायरमेंट उम्र 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) से सुझाव मांगे हैं। योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार जल्द ही शिक्षा मित्रों के लिए बड़ा निर्णय ले सकती है।
अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 21 मई को औरैया, बस्ती, बलिया, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली, जौनपुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर समेत कई जिलों के BSA को पत्र लिखा है। इस पत्र में 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके शिक्षा मित्रों की रिटायरमेंट की अवधि बढ़ाने के लिए सुझाव मांगे गए हैं। मौजदा समय में प्रदेश में कुल 1.43 लाख शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
योगी सरकार ने 1 अप्रैल से शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ा दिया है। सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपए कर दिया है। शिक्षा मित्रों की नियुक्ति आदेश में वर्तमान में 60 वर्ष की आयु पर अनिवार्य रिटायरमेंट का प्रावधान है। कई शिक्षा मित्रों ने सहायक शिक्षकों की तर्ज पर अपनी रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने की मांग की है। कई जिलों से शिक्षा मित्रों ने शासन को पत्र लिखकर इसकी मांग की। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, बीएसए से प्राप्त सुझावों के आधार पर शासन जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय ले सकता है।
शिक्षा मित्रों ने शासन को लिखे पत्र में तर्क दिया कि सहायक शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र पहले 60 वर्ष थी, जिसे अब बढ़ाकर 62 वर्ष कर दिया गया है। चूंकि, शिक्षा मित्र भी सहायक शिक्षकों की श्रेणी में आते हैं। इसलिए उनके लिए भी यही नियम लागू किया जाना चाहिए। गोंडा, लखनऊ, उन्नाव, अंबेडकर नगर, जौनपुर, हाथरस, लखीमपुर खीरी, बदायूं, ललितपुर, शाहजहांपुर, कानपुर देहात, महाराजगंज, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, शिकोहाबाद, बस्ती, हमीरपुर और औरैया समेत कई जिलों के शिक्षा मित्रों ने योगी सरकार को पत्र लिखकर रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने की मांग की है। शिक्षा मित्रों का कहना है कि सेवा विस्तार से उनका अनुभव और निष्ठा शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी।