लखनऊ

उन्नाव मामला : पूर्व सांसद अन्नू टंडन का बड़ा बयान- ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं

कांग्रेस की पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने उन्नाव गैंगरेप मामले में भाजपा सरकार पर जमकर तीखे शब्दबाण चलाये...

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Apr 12, 2018
unnao rape case

लखनऊ. कांग्रेस की पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने उन्नाव गैंगरेप मामले में भाजपा सरकार पर जमकर तीखे शब्दबाण चलाये। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साबित कर दिया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार सरकार कानून-व्यवस्था बनाये रखने और महिलाओं की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है। ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है।

इससे पहले बुधवार को भी कांग्रेस की पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र के पीड़ित परिवार संग तस्वीरें शेयर की थी। उन्होंने कहा कि आज मैं माखी गांव गई और पीड़ित परिवार से मिली। पीड़ित परिवार के हालात बहुत ही दुखी करने वाले हैं। माखी गांव में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेत्री ने कहा कि योगी सरकार के पास गवर्नेंस का जरा भी अनुभव नहीं है। यहां के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन वही करता है जो शासन की नीतियां होती हैं। भाजपा विधायक की गिरफ्तारी पर पूर्व सांसद ने कहा कि कानून में साफ लिखा है कि आरोपी, आरोपी होता है और कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि बिना किसी दबाव में आये कानून को अपने कर्तव्य का निर्वाहन करना चाहिये।

क्या है पूरा मामला
रविवार को माखी थाना क्षेत्र की एक युवती ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के सामने आत्मदाह का असफल प्रयास किया। सोमवार को पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मृतक के मरने की वजह बेरहमी से पिटाई भी बताया गया। खबरें वायरल हुईं तो कार्रवाई का दबाव बढ़ा। आनन-फानन में माखी थानाध्यक्ष, एक एएसआई समेत छह पुलिसवालों को निलंबित कर दिया। ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने दुषकर्म के आरोपी भाजपा विधायक के भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआई की जांच के बाद ही विधायक की गिरफ्तारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मामले में एसआईटी की जांच बिठा दी। एसआईटी की रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट्स के बाद बुधवार देर रात विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ मारपीट, दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट जैसी कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। गुरुवार को एसआईटी की जांच रिपोर्ट कोर्ट में भी सौंपी गई। मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। पीड़िता ने खुद की और परिवार की जान को खतरा बताते हुए तत्काल विधायक की गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता ने कहा कि सीबीआई जांच के बहाने विधायक को बचाने की कोशिश हो रही है। गुरुवार को लखनऊ डीजीपी ओपी सिंह और प्रमुख सचिव गृह अरविंद सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सीबीआई जांच के बाद ही आरोपी विधायक की गिरफ्तारी हो सकेगी।

Updated on:
12 Apr 2018 02:33 pm
Published on:
12 Apr 2018 02:29 pm