
Court commissioner of Gyanvapi case. ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर पूरे देश की नजरे बनी हुईं हैं। इसी बीच ज्ञानवापी मामले का सर्वे करने के लिए नियुक्त किए गए कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा फूट-फूट कर रो रहे हैं। बीते दिनों कोर्ट ने विजय मिश्रा को कोर्ट कमिश्नर के पद से हटा है। यह कार्रवाई सर्वे के पूरे होने के बाद की गई है। बीत दिनों स्पेशल कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने मिश्रा पर सर्वे में रूचि न लेने व गोपनियता भंग करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई करते हुए मिश्रा को कोर्ट कमिश्नर की जिम्मेदारी से हटा दिया है।
क्या कहते हैं मिश्रा
कोर्ट की कार्रवाई के बाद अजय मिश्रा तनाव में हैं वो विशाल सिंह पर झूठा आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए रो रहे हैं। एक टीवी चैनल से बात करते हुए अजय मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पूरी इमानदारी के साथ कोर्ट के आदेश का पालन किया है। लेकिन किसी अपने ने ही खुद को आगे बढ़ाने के लिए अपने का नुकसान कर दिया है। अजय मिश्रा का इशारा विशाल सिंह की तरफ था। अजय मिश्रा का कहना है कि मेरी अच्छाई व ईमानदारी के चलते ही मेरे साथ ऐसा हुआ। मैने नुकसान करने वाले को बड़ा भाई माना। मुझे उम्मीद नहीं थी कि कोई अपना ही खुद को आगे बढ़ाने के लिए मेरा नुकसान कर देगा। मिश्रा का कहना है कि अगर मुझसे कोई गलती हो रही थी या कोई कमी थी तो शिकायत करने से पहले विशाल सिंह को एक बार बात तो करनी चाहिए थी। बात न करते तो कम से कम एक बार टोकना तो चाहिए था। लेकिन वो मुझसे प्यार से बात करते रहे और बिना किसी गलती के कोर्ट में शिकायत कर दी जिसके बाद कोर्ट ने कार्रवाई की दी।
विशाल सिंह ने दी सफाई
अजय मिश्रा के आरोपों पर स्पेशल कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने सफाई दी है विशाल सिंह का कहना है कि अजय मिश्रा को लगतफहमी है। जिसे साथ में बैठ के दूर कल लिया जाएगा। मिश्रा को टीम से हटाया नहीं गया है वो भी मेरे साथ सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे।