UP Crime: पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। जानिए आप कैसे पता कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी में नकली ईंधन तो नहीं है?
UP Crime: उत्तर प्रदेश STF ने इथेनॉल और सॉल्वेंट रसायनों को मिलाकर पेट्रोल और डीजल में मिलावट करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ASP (STF) अमित कुमार नगर का मामले को लेकर कहना है, '' लखनऊ के पास लोध मऊ गांव में हाईवे किनारे टैंकर से पेट्रोल-डीजल गिरोह के सदस्य निकालते थे। इसके बाद ईंधन में इथेनॉल और सॉल्वेंट मिलाया जाता और 75 से 80 रुपये प्रति लीटर में बेच दिया जाता। लखनऊ समेत आस-पास के इलाकों में इस मिलावटी ईंधन की सप्लाई की जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों में रामू यादव, बीर कुमार, सुजीत कुमार, रिंकू सिंह और दीनू शामिल है।''
आरोपी रिंकू सिंह ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से ये धंधा कर रहा है। साथ ही जुलाई 2024 में भी इसी आरोप में जेल जा चुका है।
मिलावटी पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल आपकी गाड़ी के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। मिलावट के कारण इंजन और गाड़ी के कई हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इससे ना केवल गाड़ी की परफॉरमेंस खराब होती है, बल्कि उसकी उम्र भी कम हो सकती है। मिलावटी ईंधन में उचित लुब्रिकेंट नहीं होते, जिससे इंजन के अंदरूनी हिस्सों में घर्षण बढ़ जाता है और वे तेजी से खराब होने लगते हैं। मिलावटी डीजल, खासकर जिसमें मिट्टी का तेल मिला हो उसके कारण इंजन सीज हो सकता है, जिससे मरम्मत पर बहुत ज्यादा खर्च आता है।
एक साफ, पारदर्शी बोतल में थोड़ा पेट्रोल लें।
इसमें पानी की कुछ बूंदें डालें और बोतल को अच्छे से हिलाएं।
अगर पेट्रोल और पानी अलग-अलग परतें बनाकर तैरते रहें, तो पेट्रोल शुद्ध है।
अगर पानी और पेट्रोल आपस में घुल जाए तो इसका मतलब है कि पेट्रोल में मिलावट है।