लखनऊ

Ganga Expressway News: योगी सरकार का मास्टर प्लान; लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार, आमदनी बढ़ेगी, UP के 12 जिलों की बदलेगी तकदीर

Ganga Expressway Mega Township: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के लिए मेगाप्लान तैयार किया है। सरकार के इस निर्णय से आमदनी बढ़ेगी और प्रदेश के 12 जिलों के लोगों को फायदा होगा। क्या है सरकार का प्लान, आइए जानते हैं…

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Jun 15, 2026
Ganga Expressway Megaplan
गंगा एक्सप्रेसवे पर बनेगा इंडस्ट्रियल हब (सांकेतिक AI इमेज)

Ganga Expressway Megaplan: योगी आदित्यनाथ सरकार ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर मास्टरप्लान तैयार किया है। सरकार के नए प्लान से एक्सप्रेसवे के आसपास के 12 जिलों की तकदीर बदल जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे अब केवल एक हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार के साधन और आजीविका का साधन भी बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे पर बनेगा इंडस्ट्रियल हब

उत्तर प्रदेश सरकार ने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) को लेकर मास्टरप्लान तैयार किया है, जो उत्तर प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को पूरी तरह से बदल देगा। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ नए स्मार्ट शहर, विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स और एडवांस कमर्शियल हब बनाए जाएंगे। सरकार इस पूरे रूट पर पड़ने वाले 12 जिलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस सेंटर्स के रूप में विकसित करने जा रही है, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा होगा।

भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू

यूपीडा (UPEIDA) और प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के आसपास भूमि सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत 12 जिलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिजनेस सेंटर्स के रूप में विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के किनारे आधुनिक आवासीय कॉलोनियां, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बहुमंजिला ऑफिस स्पेस, स्कूल, अस्पताल और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। शासन ने सभी 12 जिलों के प्रशासकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे एक्सप्रेसवे के नजदीक भूमि की पहचान करें और तत्काल सर्वे पूरा करें।

लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार

सरकार के प्रोजेक्ट के तहत मेरठ जिले में 800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इसके पहले चरण का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है। मेरठ के अलावा बाकी 11 जिलों में भी स्थानीय जरूरतों के आधार पर औद्योगिक क्लस्टर तैयार किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इन विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से देशी-विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) का निवेश कराया जाए।

आधुनिक टाउनशिप में अधिकारियों, इंजीनियरों और श्रमिकों के लिए विश्वस्तरीय आवास, पार्क, एंटरटेनमेंट सेंटर आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार के इस पूरे मेगाप्लान से उत्तर प्रदेश में भारी निवेश आकर्षित होगा और लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।