लखनऊ

KGMU धर्मांतरण और यौन शोषण मामला, हंगामे के बाद परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात

Heavy Police Deployment at KGMU : लखनऊ स्थित केजीएमयू में धर्मांतरण के दबाव और यौन शोषण के गंभीर मामले के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। बीते दिन हुए हंगामे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले में आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक को जेल भेज दिया गया है।
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Jan 10, 2026
हंगामे के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, वीसी कार्यालय के बाहर पुलिस पहरा, आरोपी डॉ. रमीज मलिक जेल भेजे गए (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
हंगामे के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, वीसी कार्यालय के बाहर पुलिस पहरा, आरोपी डॉ. रमीज मलिक जेल भेजे गए (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

KGMU Religious Conversion Case: राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में धर्मांतरण के दबाव और यौन शोषण से जुड़े गंभीर मामले ने तूल पकड़ लिया है। बीते दिन हुए जोरदार हंगामे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वीसी कार्यालय सहित संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ने चौक कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कल हुए हंगामे से मचा हड़कंप

शुक्रवार को केजीएमयू परिसर में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब छात्रों और कर्मचारियों के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि संस्थान में कार्यरत एक डॉक्टर द्वारा धर्मांतरण का दबाव बनाया गया और यौन शोषण जैसी घटनाएं सामने आई हैं। आरोपों के सार्वजनिक होते ही आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग प्रशासनिक भवन के पास एकत्र हो गए। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मामले को दबाने के आरोप लगाए। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए परिसर की गतिविधियां भी प्रभावित रहीं।

हंगामे के बाद तैनात हुआ पुलिस बल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने केजीएमयू परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। वीसी कार्यालय के बाहर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पीएसी और स्थानीय थाने की पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो।

केजीएमयू प्रशासन ने दी तहरीर

केजीएमयू प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए चौक कोतवाली में लिखित तहरीर दी है। तहरीर में कहा गया है कि विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि संस्थान में किसी भी प्रकार का धार्मिक दबाव, उत्पीड़न या अनैतिक आचरण स्वीकार्य नहीं है। मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।

आरोपी डॉक्टर पर गंभीर आरोप

इस प्रकरण में मुख्य आरोपी बनाए गए डॉ. रमीज मलिक पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसके साथ यौन शोषण किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने डॉ. रमीज मलिक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस जांच में जुटी, अन्य पहलुओं की भी पड़ताल

लखनऊ पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी जांच हर पहलू से की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस प्रकरण में कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और मेडिकल व डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।

छात्रों और कर्मचारियों में रोष

इस घटना के सामने आने के बाद केजीएमयू के छात्रों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कई छात्र संगठनों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मेडिकल संस्थान जैसे पवित्र शिक्षण स्थल में इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही सख्ती दिखानी चाहिए थी ताकि स्थिति यहां तक न पहुंचती। उन्होंने यह भी मांग की कि पीड़िता को पूरी सुरक्षा और न्याय दिलाया जाए।

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की

केजीएमयू प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों ने छात्रों और आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने यह भरोसा भी दिलाया है कि पीड़िता को हर स्तर पर सहयोग दिया जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

वर्तमान में केजीएमयू परिसर के मुख्य द्वारों, प्रशासनिक भवन, छात्रावास और अस्पताल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।

मामले ने उठाए गंभीर सवाल

यह मामला न केवल केजीएमयू बल्कि पूरे प्रदेश के शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों में कार्यस्थल की सुरक्षा, नैतिक आचरण और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई ही संस्थानों की विश्वसनीयता को बनाए रख सकती है।

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