लखनऊ

CEC ज्ञानेश कुमार से बहस के बाद पश्चिम बंगाल से हटाए गए यूपी कैडर के IAS अनुराग यादव

IAS Anurag Yadav : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से बहस के बाद यूपी कैडर के IAS अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया गया है। जानें 25,000 करोड़ के फर्जी MoU विवाद और उनके अचानक हुए तबादले की पूरी कहानी।
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Apr 09, 2026
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IAS अनुराग यादव CEC ज्ञानेश कुमार से उलझे, PC- Patrika

लखनऊ : मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हुई तीखी बहस के बाद यूपी कैडर के 2000 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग यादव को पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक (Observer) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

महज 10 दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से हटाकर समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग में ट्रांसफर कर दिया था। अब चुनाव आयोग की इस कार्रवाई के बाद अनुराग यादव लगातार चर्चा में बने हुए हैं।

10 दिन पहले क्यों हटाए गए थे अनुराग यादव?

अनुराग यादव 30 मार्च 2026 तक आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव थे। उनका अचानक तबादला एक विवादित 25,000 करोड़ रुपये के MoU को लेकर हुआ था।

'AI PUCH' नामक कंपनी के साथ किए गए इस करार की जांच में कंपनी महज कागजों पर अस्तित्व वाली पाई गई। इस मामले पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार और नौकरशाही पर तीखा हमला बोला था। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने अनुराग यादव को आईटी विभाग से हटा दिया था।

CEC से बहस के बाद चुनाव आयोग की सख्त कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में तैनात अनुराग यादव का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान काफी तीखा वाद-विवाद हो गया। बहस के कुछ ही घंटों बाद चुनाव आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया।

कौन हैं अनुराग यादव?

अनुराग यादव मूल रूप से आजमगढ़ जिले के रहने वाले हैं। 2000 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग यादव ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।

  • मार्च 2005 से मई 2007 तक जौनपुर के जिलाधिकारी रहे
  • मार्च 2012 से फरवरी 2014 तक लखनऊ के जिलाधिकारी
  • अगस्त 2014 से फरवरी 2016 तक झांसी के जिलाधिकारी
  • वर्तमान सरकार में फाइनेंस सेक्रेट्री, शहरी विकास विभाग और कृषि विभाग जैसे अहम पदों पर रहे
  • जनवरी 2025 में उन्हें आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया था

अनुराग यादव को प्रशासनिक कार्यों में सख्त और मेहनती अधिकारी माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से वे विवादों में घिरे हुए हैं। चुनाव आयोग की इस कार्रवाई से प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

Updated on:
09 Apr 2026 08:14 pm
Published on:
09 Apr 2026 08:14 pm