
लखनऊ. आयकर विभाग ने लखनऊ के एक कथित हवाला कारोबारी और सर्राफ के कई ठिकानों पर छापेमारी की। माना जा रहा है कि आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान करोड़ों की करचोरी सामने आ सकती है। आयकर विभाग के अफसर अभी साफ तौर पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं, लेकिन उन्होंने छापेमारी एक से दो दिन तक जारी रहने के संकेत दिए हैं।
आयकर की छह टीमों ने रस्तोगी एंड संस के नाम से कारोबार करने वाले दो व्यवसाइयों के ठिकानों पर छापेमारी की है। रस्तोगी एंड संस के नाम से बिजनेस करने वाले कन्हैया लाल रस्तोगी और उनके दो बेटों संजीव रस्तोगी व राजीव रस्तोगी सूद, रियल इस्टेट, भट्ठे से लेकर विदेशों तक में अपना कारोबार फैलाये हुए हैं। आयकर विभाग ने ये छापेमारी एक से दो दिन तक जारी रहने के संकेत दिये हैं।
बता दें कि पुराने लखनऊ के राजा बाजार क्षेत्र में रहने वाले कन्हैया लाल रस्तोगी के बेटों का सबसे बड़ा काम का सूद का है। ये सूदखोरी से ही पैसा कमाते हैं। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो कन्हैया लाल के दोनों बेटे संजीव रस्तोगी व राजीव रस्तोगी हर महीने कम से कम दो से तीन करोड़ रुपये सूद का पैसा बांटते हैं। इतना ही नहीं, इन्होंने विदेश की कई कंपनियों में निवेश भी किया हुआ है। आयकर विभाग को ये भी जानकारी मिली है कि इन्होंने कई कंपनियों में अलग-अलग नामों से बड़ी रकम निवेश की हुई है। साथ ही ये परिवार बड़े पैमाने पर हवाला कारोबार भी करता है।
सूचना पर छापेमारी
आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि विभाग को सूचना मिली थी कि सर्राफ के काम की आड़ में ये लोग हवाला और सूद का कारोबार करते हैं। लखनऊ के अलावा नोएडा-दिल्ली समेत कई अन्य शहरों में इन्होंने रियल इस्टेट के प्रोजेक्ट में काफी पैसा लगाया हुआ है।
छह टीमों की छापेमारी
आयकर विभाग की 06 टीमों ने पुराने लखनऊ के राजा बाजार और सुभाष मार्ग स्थित कॉम्पलेक्स में छापेमारी की। छह टीमों में 30 से अधिक अधिकारी शामिल हैं। इनमें दिल्ली और इलाहाबाद के अफसर भी शामिल हैं। आयकर विभाग के इन अधिकारियों ने रस्तोगी एंड संस परिसर को पूरी तरह सील कर जांच शुरू की। छापेमारी के दौरान किसी तरह की बाधा न आये, इसलिये भारी पुलिस बल का इंतजाम भी किया गया है। माना जा रहा है कि इस छापेमारी के दौरान करोड़ों की करचोरी सामने आ सकती है।