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यूपी विधान परिषद में गूंजा राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा, सपा नेता बोले मुख्य आरोपियों को बचा रही सरकार

UP Vidhan Parishad: यूपी विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के MLC आशुतोष सिन्हा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार पर मुख्य आरोपियों को बचाने और सीसीटीवी फुटेज डिलीट कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
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लखनऊ

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Mohsina Bano

•

Updated: 3 Aug 2026, 1:36 PM IST

Uttar Pradesh Assembly

यूपी विधान परिषद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा गूंजा (फोटो- ANI)

UP Assembly Monsoon Session: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। इसके साथ ही विधान परिषद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और श्रद्धालु अपनी श्रद्धा से जो चढ़ावा देते हैं उसमें गड़बड़ी होना एक बेहद गंभीर मामला है।

मुख्य आरोपियों के नाम FIR से गायब

सपा नेता ने सदन को बताया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक सदस्य की शिकायत पर राम जन्मभूमि कोतवाली में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लेकिन उनका आरोप है कि इस शिकायत में मुख्य आरोपियों के नाम ही शामिल नहीं हैं। सिन्हा ने कहा कि मंदिर की आय व्यय और दूसरे अहम कामों की जिम्मेदारी जिन लोगों पर है सरकार उन्हें पूरी तरह से बचाने की कोशिश कर रही है।

आशुतोष सिन्हा ने सदन में एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चोरी की इस घटना को छिपाने और मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी डिलीट करा दी गई है। उन्होंने सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि अगर किसी भी कर्मचारी अधिकारी या प्रबंधन से जुड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

निष्पक्ष जांच और सदन में चर्चा की मांग

सपा विधायक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी के इस संवेदनशील मामले में सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं कर रही है जिससे आम जनता और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की समयबद्ध पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए और सदन के भीतर इस गंभीर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हो।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर दिया बयान

बता दें कि सत्र की कार्यवाही में हिस्सा लेने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत के दौरान अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा उठाने वाले ये वही लोग हैं जिन्होंने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। इन्होंने अदालतों में वकीलों की फौज खड़ी करके श्री राम मंदिर निर्माण की पूरी प्रक्रिया में अड़ंगा डालने की कोशिश की थी। सीएम योगी ने कड़े शब्दों में कहा कि मंदिर के चंदे में चोरी की बात करने वाले ये वही लोग हैं जिन्होंने इसके निर्माण में अपनी जेब से एक पैसा भी दान नहीं दिया है।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार जनता के हितों और प्रदेश के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और विधानसभा का यह सत्र भी जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। यह सत्र प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास, किसानों, गरीबों और जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा के लिए होना चाहिए।

ऐसा रहेगा सत्र का कार्यक्रम

सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं और प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। दूसरे दिन सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। तीसरे दिन विधायी कार्य होंगे। अंतिम दिन अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा, मांगों पर मतदान और विनियोग विधेयक पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।बसपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की मजबूती के लिए सरकार और विपक्ष दोनों का जिम्मेदार संसदीय आचरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।