
IPS Anjali Vishwakarma Profile: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एडीसीपी के पद पर तैनात तेजतर्रार IPS अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा अब UP कैडर छोड़कर छत्तीसगढ़ कैडर का हिस्सा बन गई हैं। दरअसल अंजली के पति IPS उदित पुष्कर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के निवासी हैं और वे छत्तीसगढ़ में तैनात हैं। इसी आधार पर अंजली ने अपना कैडर यूपी से बदलकर छत्तीसगढ़ करने का आवेदन दिया था। जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके कैडर बदलाव के आवेदन को मंजूरी दे दी। अब अंजलि और उनके पति उदित एक ही राज्य में अपनी सेवाएं देंगे।
अंजलि विश्वकर्मा और उदित पुष्कर दोनों 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उदित इस समय रायपुर में राज्यपाल के एडीसी (Aide-de-Camp) पद पर तैनात हैं। दोनों की शादी साल 2024 में हुई थी। शादी के बाद अलग-अलग राज्यों में तैनाती होने के कारण अंजलि ने अपना कैडर बदलने का अनुरोध किया था। गृह मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को इसे मंजूरी दे दी। वहीं अंजली कानपुर में मार्च, 2025 से एडीशनल डीसीपी (साइबर क्राइम) के पद पर तैनात हैं। फिलहाल यह तय नहीं है कि अंजलि को छत्तीसगढ़ में किस स्थान पर पोस्टिंग दी जाएगी।
अंजलि विश्वकर्मा का जन्म 11 जनवरी, 1993 को देहरादून में हुआ था। उन्होंने 2011 में देहरादून की कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की। अंजली ने 12वीं कक्षा की परीक्षा में 97.7 प्रतिशत नंबर हासिल करके उत्तराखंड में टॉप किया था। अंजलि और उदित की लव स्टोरी बेहद दिलचस्प है। दोनों की मुलाकात देहरादून में पढ़ाई के दौरान स्कूल में ही हुई थी। इसके बाद दोनों ने एक साथ IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। अंजलि ने नेविगेशन इंजीनियरिंग और उदित ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बीटेक होने के बाद अंजलि को एक ऑयल कंपनी में नौकरी मिल गई। इस नौकरी के दौरान उन्होंने मेक्सिको, नॉर्वे, यूके, मलेशिया, सिंगापुर, अबू धाबी और न्यूजीलैंड में सेवाएं दीं।
उदित UPSC की तैयारी कर रहे थे और उन्होंने ही अंजलि को भी इसके लिए प्रेरित किया। अंजलि साल 2018 में विदेशों की शानदार नौकरी छोड़कर भारत लौट आईं और उदित के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। साल 2020 की यूपीएससी परीक्षा में दोनों ने एक साथ सफलता हासिल की। अंजलि को 158वीं और उदित को 674वीं रैंक मिली। फिर दोनों ने साल 2024 में शादी कर ली।
अंजलि विश्वकर्मा को उनके शानदार काम के लिए लेडी सिंघम भी कहा जाता है। आईआईटी कानपुर से नेविगेशन इंजीनियरिंग में बीटेक करने वालीं आईपीएस अंजलि विश्वकर्मा को साइबर क्राइम के मामलों को सुलझाने में महारत हासिल है। उन्होंने साइबर क्राइम और कई जटिल मामलों को बड़ी ही चतुराई से सुलझाया है। अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान झांसी में उन्होंने एक लापता बच्ची को इंस्टाग्राम रील के बैकग्राउंड में दिखे एक छोटे से नंबर की मदद से महाराष्ट्र के पिंपरी से सकुशल ढूंढ निकाला था। इसके अलावा कानपुर में उन्होंने बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने वाले एक आरोपी को भी डिजिटल सुरागों की मदद से गिरफ्तार किया था।
कानपुर में इमरान हत्याकांड की जांच के दौरान अंजलि विश्वकर्मा ने घटनास्थल से मिले एक दवाई के रैपर के सुराग पर हत्यारों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इसके अलावा उन्होंने बच्चों की खरीद फरोख्त करने वाले एक गिरोह का भी पर्दाफाश किया और कई आरोपियों को गिरफ्तार कराया। अंजली को 26 जनवरी, 2026 को सेवा सम्मान (डीजी प्रशंसा डिस्क- सिल्वर) से नवाजा गया था।
अंजलि यूपी कैडर में थीं और उदित छत्तीसगढ़ कैडर में थे। कानपुर से रायपुर की दूरी 800 किलोमीटर से भी ज्यादा है। ऐसे में पति-पत्नी के बीच की इसी दूरी को खत्म करने के लिए अंजलि ने कैडर बदलने का फैसला किया। अंजलि विश्वकर्मा के पिता अरुण कुमार ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में इंजीनियर थे। उनकी मां नीलम विश्वकर्मा गृहिणी हैं। अंजलि की एक छोटी बहन भी है। अब अंजलि भी जल्द ही छत्तीसगढ़ में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी।