
Parliament Monsoon Session: राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को लेकर शुक्रवार को संसद भवन परिसर में विपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के भेष में दानपेटी लेकर बैठ गए और चंदा लेकर भागने का नाटक किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के कई सांसद शामिल हुए। विपक्ष के इस प्रदर्शन पर अब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भगवान राम और साधु-संतों का घोर अपमान बताया है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों को रामद्रोही और हिंदू विरोधी पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि जब ये पार्टियां सत्ता में थीं तब इन्होंने भारतीय संस्कृति को तार तार करने का काम किया था। मौर्य ने कहा कि संसद परिसर में जिस घृणित तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया है वह सीधे तौर पर भगवान श्रीराम का अपमान है।
केशव मौर्य ने पप्पू यादव के साधु वाले भेष पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भगवा धारण करने वाले अनगिनत साधु संतों और देश के लाखों मंदिरों में पूजा करने वाले पुजारियों का इस नाटक के जरिए अपमान किया गया है। राजनीति चमकाने और राजनीतिक फायदे के लिए इतना घटिया स्तर अपनाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की घटना पर स्थिति स्पष्ट करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी लेकिन सरकार ने इस पर तुरंत एक्शन लिया है। जो भी इस चोरी के दोषी थे उन्हें पकड़कर जेल भेज दिया गया है और मामले की जांच लगातार चल रही है। ऐसे में विपक्ष का यह ड्रामा सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए है।
मानसून सत्र के दसवें दिन पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा चोला पहनकर संसद पहुंचे थे। वह मकर द्वार के पास एक दानपेटी लेकर जमीन पर बैठ गए। इसके बाद डिंपल यादव धर्मेंद्र यादव और अवधेश प्रसाद जैसे सपा सांसदों ने पेटी में चढ़ावा डालने का नाटक किया। इसी बीच पप्पू यादव पैसे निकालकर अपनी जेब में रखने लगे। राहुल गांधी ने भी उनकी दानपेटी में पैसे डाले। थोड़ी देर बाद पप्पू यादव पेटी लेकर भागने लगे तो सपा सांसदों ने उन्हें पकड़कर पिटाई करने का नाटक किया।
इस पूरे ड्रामे के दौरान विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। इस मुद्दे की गूंज सदन के अंदर भी सुनाई दी। संसद के दोनों सदनों में शुक्रवार को भी जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को चेतावनी भी दी लेकिन हंगामा नहीं थमा। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।