लखनऊ

Lucknow Crime News: आशियाना में कार में मिले युवक की हत्या का खुलासा, शराब पार्टी के विवाद में दो आरोपी गिरफ्तार

Lucknow Ashiyana Murder Case: लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में कार में मिले युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। शराब पीने के दौरान हुए विवाद में हत्या के आरोप में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
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Aug 09, 2026
आशियाना पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से सुलझी वारदात; शव कार में छोड़कर फरार हुए थे आरोपी (Source: Police Media Cell)
आशियाना पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से सुलझी वारदात; शव कार में छोड़कर फरार हुए थे आरोपी (Source: Police Media Cell)

Lucknow Police: राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में कार के भीतर मिले युवक के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक की हत्या शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद की गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को एक स्विफ्ट डिजायर कार में रखकर सालेहनगर तिराहे के पास छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

कार में मिला था युवक का शव

यह मामला 6 अगस्त की रात उस समय सामने आया, जब आशियाना थाना क्षेत्र के सालेहनगर तिराहे के पास खड़ी एक स्विफ्ट डिजायर कार (नंबर UP33BB8989) के अंदर एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना आशियाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। कार के भीतर पड़े शव को देखकर प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

रायबरेली निवासी था मृतक

पुलिस जांच में मृतक की पहचान ज्ञानेंद्र सिंह, पुत्र उदयभान सिंह, निवासी ग्राम बरा, थाना बछरावां, जनपद रायबरेली के रूप में हुई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन लखनऊ पहुंचे। मृतक के भाई शिवेंद्र सिंह की तहरीर पर आशियाना थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मु0अ0सं0 207/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज बनी जांच की सबसे बड़ी कड़ी

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं। अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके साथ ही तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिनके आधार पर संदेह कुछ लोगों पर केंद्रित हुआ। लगातार की गई पूछताछ और साक्ष्यों के मिलान के बाद पुलिस मामले की तह तक पहुंच गई।

शराब पीने के दौरान हुआ विवाद, फिर हत्या

पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन ज्ञानेंद्र सिंह अपने परिचितों के साथ मौजूद था। इसी दौरान शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि मारपीट के दौरान ज्ञानेंद्र सिंह को गंभीर चोटें पहुंचीं, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी घबरा गए और वारदात को छिपाने के उद्देश्य से शव को स्विफ्ट डिजायर कार में रखकर सालेहनगर तिराहे के पास छोड़कर फरार हो गए।

दो आरोपी गिरफ्तार

साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सचिन उर्फ चाइना और जितेंद्र उर्फ जीत को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को औरंगाबाद अंडरपास के पास से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के खुलासे में स्थानीय पुलिस के साथ सर्विलांस और तकनीकी टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ। अधिकारियों ने कहा कि गंभीर अपराधों के त्वरित खुलासे के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है, जिससे अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

न्यायालय में पेश कर होगी आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस उनसे पूछताछ जारी रखे हुए है और घटना में प्रयुक्त अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।