लखनऊ

लखनऊ के जिस कोचिंग सेंटर में लगी थी आग, उसका बिजली कनेक्शन ही था फर्जी

Lucknow Aligarh fire news : लखनऊ के अलीगंज कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद बड़ा खुलासा। विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच में इमारत की कमर्शियल बिजली NOC फर्जी पाई गई। प्रदेश के 25% कमर्शियल कनेक्शनों के जाली होने की आशंका।
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Jun 25, 2026
Lucknow Aligarh fire news
Lucknow Aligarh fire news : जिस कोचिंग में लगी थी आग उसका बिजली कनेक्शन फर्जी, PC- Patrika

लखनऊ : राजधानी के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी आग ने उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि जिस आलीशान व्यावसायिक इमारत में सैकड़ों छात्रों की जान जोखिम में डालकर कोचिंग चलाई जा रही थी, उसका कमर्शियल (वाणिज्यिक) बिजली कनेक्शन पूरी तरह फर्जी 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) के आधार पर लिया गया था।

विद्युत सुरक्षा निदेशालय के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि साल 2016 में जिस एनओसी के दम पर इस कनेक्शन को घरेलू से कमर्शियल कराया गया था, उसका निदेशालय की फाइलों में कोई नामोनिशान ही नहीं है।

हस्ताक्षर भी जाली, दूसरे के नाम पर दर्ज था NOC नंबर

सोमवार को अलीगंज की इस इमारत में शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बाद लगातार सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे थे। जब मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने इस कनेक्शन के लिए जमा की गई एनओसी का बारीकी से परीक्षण कराया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

एनओसी पर मौजूद अधिकारियों के हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी पाए गए। जांच में पता चला कि जिस एनओसी नंबर का इस्तेमाल इस बिल्डिंग के लिए किया गया था, वह नंबर असल में किसी अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान के नाम पर अलॉट था।

विद्युत सुरक्षा निदेशक गिरीश सिंह ने कहा, अलीगंज भवन के लिए प्रस्तुत की गई एनओसी की जब विभागीय जांच कराई गई, तो वह पूरी तरह फर्जी पाई गई। हमारे आधिकारिक अभिलेखों (रिकॉर्ड) में इस एनओसी का कोई ब्योरा नहीं है। इस नंबर पर किसी और को एनओसी जारी की गई थी।

25% कनेक्शनों के फर्जी होने की आशंका

नियम के मुताबिक, राज्य में किसी भी कमर्शियल या इंडस्ट्रियल बिजली कनेक्शन को पास करने से पहले विद्युत सुरक्षा निदेशालय की एनओसी लेना अनिवार्य है। सूत्रों का दावा है कि यह फर्जीवाड़ा सिर्फ एक बिल्डिंग तक सीमित नहीं है। राज्य में घरेलू कनेक्शन को कमर्शियल में बदलने के खेल में बड़े पैमाने पर जाली दस्तावेजों का सहारा लिया गया है।

आशंका जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश में कुल कमर्शियल कनेक्शनों में से लगभग 25 फीसदी कनेक्शन ऐसे ही फर्जी एनओसी के सहारे चल रहे हैं। फाइलों के पन्ने भरने के लिए नकली एनओसी लगा तो दी गई, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा की कोई जांच नहीं हुई।

मध्यांचल सहित पूरे प्रदेश में मचेगा हड़कंप

इस खुलासे के बाद अब बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी होने वाली है। अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू होती है, तो कई बड़े अधिकारी और दलाल रडार पर आएंगे।

Updated on:
25 Jun 2026 10:21 am
Published on:
25 Jun 2026 10:21 am
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