
Congress Protest Lucknow: विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और युवा नेताओं ने रविवार को राजधानी में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण लाखों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर समस्या को रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को देखते हुए सुबह से ही कांग्रेस कार्यालय और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। पुलिस प्रशासन को पहले से ही कांग्रेस के प्रस्तावित राजभवन मार्च की जानकारी थी, जिसके चलते पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और बड़ी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया।
हालांकि पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय की निगरानी कड़ी कर रखी थी, इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा नेता लगातार कार्यालय पहुंचते रहे। सुबह से ही कांग्रेस कार्यालय में युवाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूट रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक तैयारी करने के बाद जब परीक्षाएं आयोजित होती हैं और फिर पेपर लीक के कारण रद्द हो जाती हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ता है।
कांग्रेस नेताओं ने पहले से राजभवन तक मार्च निकालने की घोषणा की थी। पार्टी का कहना था कि राज्यपाल के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपकर पेपर लीक मामलों की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
दोपहर के समय बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकलकर राजभवन की ओर बढ़ने लगे। हालांकि पुलिस पहले से सतर्क थी और उसने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
राजभवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई युवा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते दिखाई दिए, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे। कुछ देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों के माध्यम से ईको गार्डन भेज दिया गया। राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईको गार्डन को प्रदर्शन स्थल के रूप में उपयोग किया जाता है, जहां हिरासत में लिए गए लोगों को रखा जाता है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं के सपनों और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर विश्वास कमजोर हो रहा है।
युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब भी कोई बड़ी भर्ती परीक्षा आयोजित होती है, उसके बाद पेपर लीक की खबरें सामने आ जाती हैं। इससे मेहनती छात्रों को मानसिक और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी करते हैं, कोचिंग पर खर्च करते हैं और परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा देते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि यदि लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय केवल बयानबाजी कर रही है।
कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए। उनका आरोप था कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है और यही कारण है कि बार-बार विवाद सामने आते हैं।
प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से सबसे ज्यादा नुकसान बेरोजगार युवाओं को हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जब भी पेपर लीक होता है तो इसका फायदा कुछ विशेष लोगों को पहुंचता है, जबकि मेहनत करने वाले छात्र नुकसान उठाते हैं। हालांकि सरकार की ओर से पहले भी पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई का दावा किया जाता रहा है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद राजधानी का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष लगातार भर्ती परीक्षाओं, बेरोजगारी और युवाओं के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में जुटा हुआ है। वहीं सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल, कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर पेपर लीक के मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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