
Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड (Fire Accident) में 15 लोगों की दर्दनाक मौत (Fifteen People Death हो गई है। इसके साथ ही इस हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) ने KGMU पहुंचकर लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों से मुलाकात की है। इस दौरान अखिलेश ने घायलों का हालाचाल लिया और लखनऊ अग्निकांड (Lucknow Fire Incident) पीड़ितों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार से बड़ी मांग की है।
अखिलेश यादव ने KGMU में भर्ती घायलों का हालचाल लिया और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा- अपनों को खोने का दर्द, दुनिया का सबसे बड़ा दुख होता है। यदि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। अखिलेश ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वजह से 15 लोगों की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत अहंकार और लापरवाही के कारण कुछ लोग किसी की सुनना नहीं चाहते हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ता है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जिन बच्चों की मौत हुई है, वे 21-22 वर्ष की उम्र के थे। वे सभी अपने भविष्य को संवारने के लिए मेहनत कर रहे थे। सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। अखिलेश यादव ने लखनऊ अग्निकांड की जांच के लिए बनी SIT पर भी सवाल उठाए हैं।
अखिलेश ने कहा कि हर घटना के बाद SIT बनती है। पिछले 10 वर्षों में हर घटना के बाद SIT का गठन किया गया, लेकिन सवाल यह है कि यदि सरकार है तो नियमों का पालन क्यों नहीं कराया गया? अखिलेस ने कहा- जिन लोगों ने नक्शे पास किए, फायर NOC जारी की और नियमों की अनदेखी की, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार मानकों पर हावी हो गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अहंकार में चूर है। इस सरकार को न कुछ दिखाई देता है और न ही कुछ समझती है। लोगों ने देखा कि कैसे इस सरकार ने बुलडोजर चलाकर अकबर नगर के लोगों को हटा दिया था? इससे पहले अग्निकांड की घटना में मुख्यमंत्री ने कहा था कि 24 घंटे में बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर देंगे, लेकिन क्या हुआ? गरीबों को उजाड़ने के लिए आग लगा दी गयी थी, लेकिन दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?