
Lucknow Weather Update: राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। पिछले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर हुई बारिश और बादलों की आवाजाही के बाद आज सुबह से आसमान पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप निकलने से लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मानसून की सक्रियता में कमी आई है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक राजधानी में धूप और उमस का असर बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश में आई इस अस्थायी कमी के चलते दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी और लोगों को एक बार फिर गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
रविवार सुबह जैसे ही सूरज निकला, राजधानी के अधिकांश इलाकों में तेज धूप देखने को मिली। कई दिनों बाद लगातार साफ आसमान दिखाई दिया, जिससे लोगों ने राहत की उम्मीद तो की, लेकिन बढ़ती धूप के साथ उमस भी बढ़ने लगी। सुबह के समय ही वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का एहसास हुआ। मौसम साफ रहने से सड़कों पर सामान्य दिनों की तरह आवाजाही भी बढ़ गई, लेकिन दोपहर चढ़ने के साथ ही गर्मी का असर स्पष्ट दिखाई देने लगा।
लखनऊ मौसम वैज्ञानिक के अनुसार मानसून पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन उसकी सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ गई है। ऐसे में बीच-बीच में बादल आने की संभावना बनी रहेगी, हालांकि व्यापक बारिश के आसार फिलहाल कम हैं।
मौसम विभाग ने रविवार के लिए राजधानी का अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि रविवार को इसमें हल्की बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होगी, लेकिन वातावरण में मौजूद नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होगी। यही कारण है कि धूप के साथ उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार दिनभर 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि ये हवाएं वातावरण में कुछ हद तक संतुलन बनाए रखेंगी, लेकिन तेज धूप और अधिक नमी के कारण इनका असर सीमित रह सकता है। उनका कहना है कि यदि बादलों की आवाजाही बनी रहती है तो तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन साफ मौसम रहने पर दोपहर के समय गर्मी अधिक महसूस होगी।
लखनऊ में आर्द्रता का स्तर भी काफी ऊंचा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम आर्द्रता 95 प्रतिशत और न्यूनतम 60 प्रतिशत दर्ज की गई। अधिक आर्द्रता के कारण पसीना जल्दी सूख नहीं पाता, जिससे लोगों को उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर वेद प्रकाश का कहना है कि इस तरह के मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, धूप से बचना और हल्के कपड़े पहनना इस मौसम में स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
हालांकि रविवार को मौसम साफ रहा, लेकिन इससे पहले हुई बारिश ने राजधानी को अच्छी राहत दी थी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 11 जुलाई को लखनऊ में 20.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 148 प्रतिशत अधिक रही। इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई थी और लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिली थी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के दौरान कभी-कभी इस प्रकार के स्थानीय प्रभाव देखने को मिलते हैं, जब एक-दो दिन में सामान्य से अधिक बारिश हो जाती है, लेकिन पूरे सीजन के आंकड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 11 जुलाई तक लखनऊ में कुल 95.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य वर्षा की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कम है। यानी हाल के दिनों में अच्छी बारिश होने के बावजूद पूरे मानसून सीजन में अभी भी बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में यदि मानसून फिर से सक्रिय होता है, तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। फिलहाल कृषि, जल संरक्षण और भूजल स्तर की दृष्टि से नियमित बारिश की आवश्यकता बनी हुई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक लखनऊ में धूप और बादलों की आवाजाही का दौर जारी रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन व्यापक और लगातार वर्षा की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता में अस्थायी कमी आई है और यह स्थिति कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम के आधार पर प्रदेश में फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
तेज धूप, बढ़ती उमस और बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त पानी पीने, मौसमी फलों का सेवन करने और धूप में निकलते समय सिर को ढकने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में लापरवाही करने पर डिहाइड्रेशन, थकान और वायरल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
फिलहाल राजधानी लखनऊ में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन मौसम विभाग का मानना है कि यह स्थिति स्थायी नहीं है। आने वाले दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। तब तक लोगों को तेज धूप, उमस और बढ़ती गर्मी के बीच सावधानी बरतते हुए मौसम के उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने की जरूरत होगी।