लखनऊ

नमाज तो दिन में 5 बार पढ़ी जाती है, सावन साल में सिर्फ एक बार आता है: राकेश त्रिपाठी बोले- यात्रा के लिए पहले से तय होते हैं मार्ग

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर सियासत तेज है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि नमाज तो दिन में पांच बार पढ़ी जाती है, सावन साल में सिर्फ एक बार आता है, जबकि कांग्रेस ने सभी समुदायों के सम्मान की बात कही।
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Updated: 30 Jul 2026, 4:44 PM IST
Kanwar Yatra
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी (IANS Photo)

Kanwar Yatra 2026: उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM की ओर से सड़क पर नमाज और कांवड़ यात्रा को लेकर उठाए गए सवालों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि नमाज तो दिन में पांच बार पढ़ी जाती है, जबकि सावन साल में सिर्फ एक बार आता है। कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति की पवित्र परंपरा है, इसके लिए पहले से निश्चित मार्ग तय किए जाते हैं और प्रशासन सभी जरूरी व्यवस्थाएं करता है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सावन की परंपराओं के सम्मान के साथ सभी समुदायों को बराबर सम्मान देने की बात कही।

सावन तो साल में एक बार आता है- राकेश त्रिपाठी

AIMIM ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश में सड़क पर नमाज की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि कांवड़ यात्रा को पूरा सरकारी प्रोटोकॉल मिलता है। इस पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि नमाज दिन में पांच बार अदा की जाती है और हर शुक्रवार को विशेष सामूहिक नमाज होती है। क्या प्रार्थना के लिए हर दिन सार्वजनिक सड़कों को बंद कर दिया जाना चाहिए? सावन का महीना साल में केवल एक बार आता है। कांवड़ यात्रा सनातन संस्कृति से जुड़ी एक पवित्र परंपरा है। यात्रा के लिए पहले से निश्चित मार्ग तय किए जाते हैं और प्रशासन सभी जरूरी व्यवस्थाएं करता है।

सावन पवित्र है, परंपराओं का सम्मान हो

इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सावन का महीना हमारे लिए पवित्र है। इससे जुड़ी एक पुरानी परंपरा है और उन परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही, हर व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए और हर समुदाय को उसका उचित स्थान मिलना चाहिए।

मेरठ में चला पहचान सत्यापन अभियान

मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने दिल्ली देहरादून कांवड़ मार्ग पर होटल, ढाबों और दुकानों का पहचान सत्यापन अभियान चलाया। संगठन के नेतृत्व में हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही ने प्रतिष्ठानों के नाम और संचालकों की जानकारी जुटाई। संगठन का दावा है कि कुछ कारोबारी हिंदू नाम से प्रतिष्ठान चला रहे हैं, जबकि उनके संचालक मुस्लिम हैं। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है।

दीपक होटल में हुआ विवाद

अभियान के दौरान दीपक होटल में विवाद खड़ा हो गया। सचिन सिरोही ने आरोप लगाया कि होटल का संचालन अली मुर्तजा कर रहे हैं, लेकिन प्रतिष्ठान हिंदू नाम से चलाया जा रहा है। वहीं, सिरोही का कहना है कि उनकी टीम के पहुंचते ही होटल का शटर बंद कर दिया गया और अंदर मौजूद लोगों को बाहर नहीं आने दिया गया। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के दौरान कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों की वास्तविक जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। यदि कोई अपनी पहचान छिपाकर व्यापार करता है तो यह लोगों को गुमराह करने जैसा है।

सचिन सिरोही ने चेतावनी दी कि यदि प्रतिष्ठान का वास्तविक नाम और संचालक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई तो उनका संगठन आगे भी विरोध जारी रखेगा। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Updated on:
30 Jul 2026, 4:44 PM IST
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