
IAS दिव्या मित्तल (फोटो- Instagram/@divyamittal_IAS)
Divya Mittal IAS Resignation: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा अब आधिकारिक तौर पर मंजूर हो गया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी ने 30 अगस्त को प्रशासनिक सेवा छोड़ने का ऐलान किया था। केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) ने अब उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। उनका इस्तीफा 15 सितंबर से प्रभावी माना जाएगा। दिव्या मित्तल ने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “मेरा आईएएस से त्यागपत्र स्वीकार हो गया है।” इसके साथ ही उन्होंने लिखा- “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को इस्तीफे की घोषणा करते हुए निजी कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों को इसका आधार बताया था। आईएएस से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपनी 13 साल की प्रशासनिक यात्रा को याद किया और इसे जिंदगी का बेहद महत्वपूर्ण दौर बताया। उन्होंने लिखा था कि साधारण परिवेश में रहते हुए उन्होंने एक अच्छे और सफल जीवन का सपना देखा था। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की। आईआईटी और आईआईएम से पढ़ाई के बाद उन्हें लंदन में नौकरी मिली और वहां एक सफल करियर भी बनाया। लेकिन उनके लिए कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
दिव्या मित्तल ने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बैंगलोर से पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद वह लंदन चली गईं और वहां नौकरी करने लगीं। हालांकि विदेश में करियर बनाने के बावजूद उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा बनी रही। आखिरकार उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर आईएएस अधिकारी बनीं। इसके बाद करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में काम किया।
दिव्या मित्तल की प्रशासनिक पारी के दौरान मिर्जापुर का एक काम खास तौर पर चर्चा में आया था। मिर्जापुर की डीएम रहते हुए उन्होंने हलिया ब्लॉक के लहुरियागह गांव में पानी की व्यवस्था कराई थी। बताया गया कि आजादी के 75 साल बाद गांव में पानी की व्यवस्था पहुंची। इस पहल के बाद दिव्या मित्तल की काफी सराहना हुई थी। प्रशासनिक काम के साथ-साथ वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती रही हैं और समय-समय पर जीवन, करियर और अपने अनुभवों से जुड़े पोस्ट करती रही हैं।
इस्तीफे की घोषणा के वक्त दिव्या मित्तल की लिखी एक बात ने खास ध्यान खींचा था। उन्होंने अपने सफर को याद करते हुए कहा था कि आईआईटी-आईआईएम की पढ़ाई, लंदन की नौकरी और सफलता हासिल करने के बाद भी उन्हें लगा कि “सब कुछ” पा लेने पर कुछ अधूरा था। अब 15 सितंबर से उनकी 13 साल की आईएएस सेवा आधिकारिक तौर पर खत्म हो रही है। जाते-जाते उनका संदेश भी यही है, आगे बढ़ते रहना है।
Updated on:
15 Sept 2026 09:00 am
Published on:
15 Sept 2026 08:15 am
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