
Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और झारखंड के गोड्डा से BJP के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। यह विवाद अब मानहानि के नोटिस तक पहुंच गया है जिसके बाद निशिकांत दुबे ने सपा प्रमुख पर करारा पलटवार किया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट साझा की। इस पोस्ट में बिना अखिलेश यादव का नाम लिए टीपू शब्द का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही राम मंदिर दान चोरी के मुख्य आरोपी टिन्नू यादव और टीपू के बीच आपसी कनेक्शन का दावा किया गया था। इस पोस्ट के बाद सपा नेताओं ने बीजेपी सांसद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
निशिकांत दुबे की पोस्ट पर अखिलेश यादव ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें 10 मिनट के भीतर पोस्ट हटाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद सपा नेता मनोज काका सहित कई अन्य नेताओं ने अलग-अलग जिलों में बीजेपी सांसद के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी।
इस पर निशिकांत दुबे ने कहा था कि, 'अखिलेश जी इस तरह का वकील लोग आपको बेइज्जत कर रहा है, मानहानि यदि आपका हुआ है तो नोटिस भी आपकी तरफ से ही आएगा ना, कानून यही कहता है। इस कानून को बनाने वाले कमेटी का मैं भी सदस्य था, इसलिए जानकारी है। आपने क्या हालत बना रखी है, कुछ लेते क्यों नहीं? कम से कम विक्स की गोली ले लीजिए।'
विवाद बढ़ने पर मंगलवार को समाजवादी अधिवक्ता सभा के अध्यक्ष कृष्ण कन्हैया पाल ने निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेज दिया। नोटिस में आरोप लगाया गया कि बीजेपी सांसद जानबूझकर अखिलेश यादव और सपा के प्रति नफरत फैला रहे हैं और उनकी छवि खराब कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें दो हफ्ते के भीतर माफी मांगने को कहा गया।
मानहानि का नोटिस मिलने के बाद निशिकांत दुबे ने प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश से 3 सवाल भी पुछे है। निशिकांत ने आज यानी बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि, 'मैंने अखिलेश यादव जी को फुसलाने वाले वकील को कानूनी जवाब कल ही भेज दिया, अखिलेश यादव जी कन्हैया पाल जी का क्या मानहानि हुआ यह हमने पूछा? दूसरा आपका नाम किस सरकारी दस्तावेज में टीपू है ? तीसरा आप और आपकी पार्टी के लोग अकारण मुझे मानसिक प्रताड़ित कर रहे हैं उसका कानूनी खर्च आपके वकील साहब से हर्जाना लूंगा।'
टिन्नू यादव राम मंदिर दान चोरी मामले का मुख्य आरोपी है। सूत्रों के मुताबिक उसे इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार टिन्नू यादव राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी और उनका पूर्व ड्राइवर रहा है। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि टिन्नू और अखिलेश यादव के बीच फोन पर सैकड़ों बार बातचीत हुई है। हालांकि एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में ऐसे किसी भी संपर्क का कोई जिक्र नहीं किया गया है।