नो योर कस्टमर यानी कि केवाईसी बैंकिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला प्रचलित टर्म है। आज के दौर में लगभग सभी काम ऑनलाइन हो गए हैं। बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन अपने ग्राहकों की पहचान और उसके पते को सत्यापित करने के लिए केवाईसी का प्रयोग करते हैं।
लखनऊ. नो योर कस्टमर यानी कि केवाईसी बैंकिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाला प्रचलित टर्म है। आज के दौर में लगभग सभी काम ऑनलाइन हो गए हैं। बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन अपने ग्राहकों की पहचान और उसके पते को सत्यापित करने के लिए केवाईसी का प्रयोग करते हैं। केवाईसी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पेटीएम के लिए भी इस्तेमाल होता है। किसी म्यूचुअल फंड की शुरुआत के लिए भी केवाईसी कराना होता है। काम चाहे जो भी हो, केवाईसी के लिए कई बार बहुत ज्यादा भटकना पड़ता है, लेकिन अब इस समस्या का भी हल निकल गया है। केवाईसी की अनिवार्यता को देखते हुए सरकार ने 'वन नेशन-वन केवाईसी' की योजना बनाई है।
सिंगल विंडो सिस्टम से केवाईसी की जानकारी
वन नेशन वन केवाईसी से आपको सिंगल विंडो सिस्टम के जरिये अपने कस्टमर की केवाईसी की जानकारी मिलेगी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस बारे में सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि केवाईसी का सिंगल विंडो सिस्टम शुरू होना चाहिए ताकि जनता को परेशान न होना पड़े। इसके लिए एक साझा प्लेटफॉर्म होना चाहिए।
ग्राहकों को फायदा
सिंगल विंडो सिस्टम लागू होने से ग्राहकों को काफी सहूलियत मिलेगी। सबसे पहले तो इससे समय की बचत होगी। जिस काम के लिए पहले काफी समय लगता था, वही काम कम समय में पूरा हो जाएगा। अगर सिंगल विंडो सिस्टम का फायदा लेते हैं, तो पर्सनल डेटा लीक होने जैसी स्थिति से बच सकते हैं। सिंगल विंडो सिस्टम में केवाईसी संबंधी सभी जानकारियां दर्ज हो सकेगी।