
Panchayat Chunav Update UP: लंबे इंतजार के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को पंचायत चुनाव के लिए पुनरीक्षित अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। नई सूची के अनुसार उत्तर प्रदेशमें 2,32,24,805 नए मतदाताओं को जोड़ा गया है, जबकि 2,03,23,287 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हटाए गए नामों में मृतक, विस्थापित, डुप्लीकेट और फर्जी मतदाता शामिल हैं।
पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुल मतदाताओं की संख्या में 29,01,518 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब प्रदेश में कुल 12,58,51,570 मतदाता पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि आयोग ने 18 दिसंबर 2025 को अनंतिम मतदाता सूची जारी की थी। इसके बाद प्राप्त दावों और आपत्तियों पर सुनवाई कर अंतिम सूची तैयार की गई। पुनरीक्षण से पहले प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 12,29,50,052 थी, जो अब बढ़कर 12,58,51,570 हो गई है।
इस बार आयोग ने सभी मतदाताओं को 9 अंकों का विशेष स्टेट वोटर नंबर जारी किया है। यह प्रत्येक मतदाता की विशिष्ट पहचान होगा। इस नंबर के माध्यम से मतदाता के निवास क्षेत्र, मतदान इतिहास और अन्य संबंधित जानकारी का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। यह नंबर किसी भी व्यक्ति को केवल एक बार जारी किया जाएगा। मतदाता का नाम सूची से हटने के बाद भी यह नंबर फ्रीज रहेगा और दोबारा किसी अन्य को आवंटित नहीं किया जाएगा।
पंचायत चुनाव मतदाता पुनरीक्षण के दौरान कई जिलों में मतदाता संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सबसे अधिक नाम आजमगढ़ और गाजीपुर में काटे गए।
आजमगढ़ में 8,19,646 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 7,59,299 नए मतदाता जोड़े गए। इसके परिणामस्वरूप जिले में कुल 60,347 मतदाता कम हो गए। अब यहां कुल मतदाताओं की संख्या 35,76,287 है, जबकि पिछली सूची में यह 36,36,634 थी।
गाजीपुर में 7,15,668 नाम हटाए गए और 6,20,911 नए मतदाता जोड़े गए। इससे जिले की मतदाता संख्या 29.06 लाख से घटकर 28.11 लाख रह गई। यहां कुल 94,757 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई।
आगरा में 4,16,326 नए मतदाता जुड़े, जबकि 4,39,620 नाम हटाए गए। इससे जिले में 23,294 मतदाताओं की कमी आई और कुल मतदाता संख्या 20.28 लाख से घटकर 20.04 लाख रह गई।
मैनपुरी में 3.07 लाख नाम हटाए गए और 2.13 लाख नए मतदाता जोड़े गए। इसके चलते जिले की मतदाता संख्या 12.20 लाख से घटकर 11.27 लाख हो गई। यहां कुल 93,207 मतदाता कम हुए।
एटा में भी 23,429 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई। जिले में 2,63,053 नाम हटाए गए जबकि 2,39,624 नए मतदाता जोड़े गए। अब यहां कुल मतदाताओं की संख्या 11,76,153 है।
जहां कुछ जिलों में मतदाता संख्या घटी, वहीं कई जिलों में नए मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। सबसे अधिक बढ़ोतरी बलिया जिले में हुई, जहां 1,60,376 मतदाता बढ़े। इसके बाद लखीमपुर खीरी में 1,38,223 नए मतदाता जुड़े और कुल संख्या 28.87 लाख तक पहुंच गई।
सिद्धार्थनगर में 1,23,162 और कुशीनगर में 1,20,011 मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार बलिया और लखीमपुर खीरी ऐसे जिले रहे जहां सबसे ज्यादा नए मतदाता जुड़े।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिन जिलों में बड़ी संख्या में नए मतदाता जुड़े हैं, वहां आगामी पंचायत चुनावों के परिणामों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है। नए मतदाता स्थानीय चुनावी समीकरणों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मतदाता संख्या के लिहाज से जौनपुर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला बनकर उभरा है। यहां कुल 36.97 लाख मतदाता हैं। इसके बाद आजमगढ़ में 35.76 लाख, प्रयागराज में 34.95 लाख और सीतापुर में 31.18 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं।
प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो चुका है। इसके बाद राज्य सरकार ने वर्तमान प्रधानों को ही छह महीने के लिए प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी है। इससे स्पष्ट है कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर नहीं हो पाएंगे। चुनाव कार्यक्रम में देरी के कारण अंतिम मतदाता सूची जारी करने की समयसीमा भी कई बार बढ़ाई गई। जो सूची 6 फरवरी को जारी होनी थी, वह अब बुधवार को जारी की गई है। हालांकि निर्वाचन आयोग चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है।
अनंतिम मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में 1.81 करोड़ नए मतदाता जुड़े थे और 1.41 करोड़ नाम हटाए गए थे। उस समय कुल 40.19 लाख मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, लेकिन दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची के आंकड़ों में बड़ा बदलाव सामने आया। अंतिम सूची में अनंतिम सूची की तुलना में लगभग 51 लाख अतिरिक्त नए मतदाता जुड़े, जबकि करीब 62 लाख अतिरिक्त नाम हटाए गए। यही कारण है कि कुल मतदाता वृद्धि का आंकड़ा घटकर लगभग 29 लाख पर आ गया।