
Chhatron Ki Goonj Prayagraj: रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर भारत में सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए भारत की विदेश नीति और सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को 'विश्वगुरु' कहते हैं, उनमें संसद में आकर इन मुद्दों का सामना करने का साहस नहीं है। इसके साथ ही पवन खेड़ा ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर भी सरकार को घेरा। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है।
रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर पवन खेड़ा ने कहा कि क्या ऐसा लगता है कि भारत वास्तव में स्वतंत्र है? जो भी आता है, वह भारत को ब्लैकमेल करता है, जो भी आता है, वह भारत पर शर्तें थोपता है और बोलते है कि आप यहां से तेल खरीद सकते हैं, इतना तेल खरीद सकते हैं, लेकिन वहां से नहीं खरीद सकते। उन लोगों से जवाब मांगिए जो पूरे देश में खुद को 'विश्वगुरु' कहते घूमते हैं, लेकिन उनमें संसद में आने तक का साहस नहीं है। उनमें साहस इसलिए नहीं है क्योंकि ये सभी मुद्दे उठाए जाएंगे और उन्हें हर बात के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।
पवन खेड़ा ने कहा कि भारत को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वह किस देश से तेल खरीदेगा और कितना खरीदेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से दूसरे देशों की ओर से भारत पर शर्तें थोपे जाने के मुद्दे पर संसद में जवाब देने की मांग की।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों की अपनी मांगें और चिंताएं हैं। उनका समाधान करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है। छात्रों की चिंताओं को दूर करना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का कर्तव्य है। आप देख सकते हैं कि सत्ता पक्ष क्या कर रहा है।
जंतर-मंतर पर सरकार की कार्रवाई सभी के सामने थी। जहां तक विपक्ष का सवाल है, राहुल गांधी के रोजाना के काम उनके रुख को साफ करते हैं। युवाओं के लिए संदेश साफ है, आप अकेले नहीं हैं। देश का विपक्ष आपके साथ मजबूती से खड़ा है।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी प्रयागराज आ रहे हैं और यहां छात्रों की आवाज उठाने की बात कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से झारखंड की राजधानी रांची में हजारों छात्र और युवा अपने भविष्य को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहां लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, आज पूरा देश झारखंड में छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन को देख रहा है। उन्हें वहां जाना चाहिए, लेकिन उत्तर प्रदेश के चुनाव को ध्यान में रखते हुए वे यहां सिर्फ राजनीति करने आ रहे हैं।