Prateek Yadav Death News : प्रतीक यादव के निधन के बाद सोशल मीडिया पर भावुक कर देने वाले वीडियो वायरल। अंतिम संस्कार में बड़ी बेटी प्रथमा ने पोंछे चाचा के आंसू, तो हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के दौरान टूटे दिल का कार्ड लेकर रो पड़ीं मां-बेटी।
लखनऊ : अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का निधन 13 मई को 38 साल की उम्र में हो गया था। उन्हें घर से सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फेफड़ों में खून का थक्का जमना (Pulmonary Thromboembolism) और इसके चलते कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स बताया गया। प्रतीक यादव का आज तेरहवीं संस्कार है।
प्रतीक यादव के निधन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। ऐसे ही एक वीडियो वायरल है जिसमें प्रतीक यादव की बड़ी बेटी प्रथमा अपने चाचू के आंसू पोंछते हुए मानों कह रही हैं कि चाचू, पापा को रोकर विदा मत कीजिए। प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार में उनके मामा के बेटे चिराग गुप्ता फफक-फफक कर रो रहे थे। तभी प्रतीक यादव की बड़ी बेटी प्रथमा उनके पास गईं और अपने दुपट्टे से आंसू पोंछ कर चाचा को चुप कराया। यह पल देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ गए।
प्रतीक यादव की हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के दौरान बदायूं से सांसद आदित्य यादव भावुक हो गए थे। वह पल था जब अखिलेश यादव की छोटी बेटी पद्यजा अपने छोटे-छोटे हाथों में एक रंग-बिरंगा कार्ड थामा हुआ था। उस पर उसने खुद अपनी नन्हीं उंगलियों से लिखा था I Love You Papa और नीचे एक टूटा हुआ दिल बना दिया था। कलश को माथे से लगाते ही बच्ची का सारा शरीर कांप उठा। वह फूट-फूटकर रो पड़ी। बार-बार 'पापा… पापा…' कहकर पुकार रही थी। उसकी आवाज इतनी करुण थी कि गंगा घाट पर खड़े हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
मां अपर्णा यादव खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। उन्होंने बेटी को चिपकाकर सीने से लगा लिया, मानो अपनी सारी ताकत से उसकी पीड़ा को खुद में समो रही हों। दोनों मां-बेटी एक-दूसरे से लिपटी रो रही थीं। पिता की अस्थियों को गंगा में विसर्जित करते वक्त पद्मजा ने अपना वो कार्ड भी धीरे-धीरे पानी में छोड़ दिया। लहरों के साथ वो कार्ड बहता चला गया। जैसे बच्ची अपने पापा को आखिरी बार अपना प्यार भेज रही हो।
इसी पल में बराबर खड़े चाचा आदित्य यादव (बदायूं सांसद) आगे बढ़े। उन्होंने पद्मजा का सिर प्यार से सहलाया और भावुक होकर कहा कि, 'कोई बात नहीं बेटा… रो मत। मैं हूं ना।'
ये तीन शब्द 'मैं हूं ना' उस वक्त उस मासूम बच्ची के लिए शायद पूरी दुनिया भर गए। आदित्य यादव की आवाज़ भी भारी थी। उनकी आंखों में भी आंसू थे, लेकिन उन्होंने बेटी को मजबूती से थाम रखा था। जैसे कह रहे हों कि अब से मैं तुम्हारा सहारा हूं।