लखनऊ

रसोई गैस के दामों में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी, त्योहारों से पहले आम आदमी को बड़ा झटका

एक तरफ जहां रोजाना डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है...
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Updated: 2 Oct 2018, 1:26 PM IST
Price of non subsidised LPG gas cylinder hiked
रसोई गैस के दामों में इस बार रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी, त्योहारों से पहले आम आदमी को बड़ा झटका

लखनऊ. पितृपक्ष खत्म होते ही त्योहारों का सीजन शुरू हो जाएगा। नवरात्र, दशहरा, करवाचौथ और फिर दीपावली... मतलब फुल सेलिब्रेशन। लेकिन सावधान! महंगाई डायन आपके एन्जॉयमेंट का पूरा मजा किरकिरा कर सकती है। एक तरफ जहां रोजाना डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, वहीं रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बार त्योहारों पर लोगों को अपनी जेबें काफी ढीली करनी पड़ेंगी। रसोई गैस महंगी होने से आपके किचन का बजट बिगड़ जाएगा, वहीं डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आना-जाना और माल-भाड़े की ढुलाई महंगी हो जाएगी, जिसका सीधा असर मार्केट पर पड़ेगा। मतलब साफ है इस बार त्योहारों पर आपको महंगाई का तगड़ा झटका लगने वाला है।

अब 917 रुपये में मिलेगा आपका सिलेंडर
बीते पांच महीनों से घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इन पांच महीनों में रसोई गैस 230.50 रुपये प्रति सिलेंडर महंगी हो गई है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में पांच महीनों के अंतराल में 335 रुपये प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ है। इस बार तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (14.2 kg) के दामों में 58 प्रति सिलेंडर का इजाफा किया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर (19 kg) 87 रुपये प्रति सिलेंडर महंगा हो गया है। रेट रिवीजन के बाद अब लखनऊ में गैर सब्सिडी वाला घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 917 रुपये का मिलेगा, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर के बदले 1580.50 रुपये प्रति सिलेंडर चुकाने होंगे। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर अब 917 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से मिलेगा, जिसमें से 414.22 रुपये प्रति सिलेंडर सब्सिडी का वापस आएगा।

80 पार हुआ पेट्रोल- डीजल भी पीछे-पीछे
रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को भी डीजल-पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी जारी रही। राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत जहां 85 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई, वहीं डीजल की कीमत 75 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दाम और डॉलर के मुकाबले रुपये के लगातार गिरने के कारण ऐसे हालात पैदा हुए हैं। कांग्रेस, सपा-बसपा सहित तमाम विपक्षी दल डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

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