
SIT Investigation Ram Janmabhoomi: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित राम जन्मभूमि दान मामले में SIT के गठन के बाद अब इस पर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के दिग्गज नेता और सांसद रामजीलाल सुमन ने इस जांच प्रक्रिया पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार का यह कदम केवल मामले को लीपापोती' करने की एक कोशिश है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उन्हें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बहुत पहले ही सबके सामने ला चुके हैं।
सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने मीडिया से बातचीत में सरकार की मंशा पर सीधे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि भले ही अब इस मामले की जांच के लिए SIT बना दी गई है, लेकिन यह कोई नई बात नहीं है। हमारे नेता अखिलेश यादव ने बहुत पहले ही इस मामले में हो रही धांधली और गड़बड़ियों का मुद्दा उठा दिया था।उनका कहना है कि विपक्ष लगातार इस पर सवाल उठाता रहा है, लेकिन सरकार ने अब जाकर कदम उठाया है।
सांसद सुमन के इस तीखे बयान से साफ है कि विपक्ष इस सरकारी जांच से संतुष्ट नहीं है। उनका मानना है कि जब मामला पहले से ही सार्वजनिक था और इस पर लगातार सवाल उठ रहे थे, तब जाकर अब एसआईटी का गठन करना सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने जैसी कोशिश है।
वहीं पर सांसद अवधेश प्रसाद ने मंदिर के पैसों में हुई कथित गड़बड़ी पर बहुत कुछ कहा। उन्होंने इसकी तुलना करते हुए कहा कि अवधेश प्रसाद ने कहा कि एक आम डकैत सिर्फ एक या दो घरों को लूटता है, लेकिन राम मंदिर के पैसे में जो हेरफेर हुआ है, वह बिल्कुल अलग है। यह सीधे तौर पर उन करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों के भरोसे को लूटना है, जो देश-विदेश से आकर अपनी कमाई का हिस्सा मंदिर में दान करते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में इसे भारत के इतिहास की सबसे बड़ी डकैती बताया है।