लखनऊ

‘उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए’, प्रेगनेंसी रोकने के लिए खिलाई गर्भ निरोधक गोलियां, पीड़िता बोली-अन्य लड़कियों से भी रिलेशन

Resident Doctor Had Abusive Relationship: पीड़िता ने रेजिडेंट डॉक्टर पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने कहा कि उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए। जानिए पूरा मामला क्या है?
2 min read
• •
Updated: 23 Apr 2026, 12:14 PM IST
resident doctor had abusive relationship with woman and gave her contraceptive pills lucknow
रेजिडेंट डॉक्टर पर यौन शोषण का गंभीर आरोप (प्रतीकात्मक फोटो)

Resident Doctor Had Abusive Relationship: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र स्थित तेलीबाग इलाके में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है उसने अपने सहपाठी और सहकर्मी सचिन गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। आरोपी भी पीजीआई संस्थान में रेजिडेंट डॉक्टर है और दिल्ली का निवासी बताया जा रहा है।

दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, शादी का दिया झांसा

पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात नवंबर 2023 में सचिन गुप्ता से हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता गहरा होता गया। इसी दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।

नशीला पदार्थ देने और गर्भनिरोधक खिलाने का आरोप

पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने कई बार उसे नशीला पदार्थ दिया। इतना ही नहीं, उसे जबरन गर्भनिरोधक गोलियां भी खिलाई गईं। यह सब लंबे समय तक चलता रहा, जिससे पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित हुई।

शादी का दबाव बनाने पर आरोपी ने बनाई दूरी

जब पीड़िता ने आरोपी पर शादी करने का दबाव बनाया, तो उसने अचानक दूरी बना ली। आरोप है कि इसके बाद सचिन गुप्ता अन्य लड़कियों के संपर्क में आने लगा और पीड़िता को नजरअंदाज करने लगा। इससे आहत होकर जब महिला डॉक्टर ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे विभाग में बदनाम करने की कोशिश की।

मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या का प्रयास

लगातार उत्पीड़न और बदनामी के कारण पीड़िता गंभीर मानसिक तनाव में आ गई। उसने आरोप लगाया कि इसी तनाव के चलते उसने एक बार आत्महत्या करने का प्रयास भी किया। हालांकि, समय रहते उसे बचा लिया गया। इसके बावजूद आरोपी की ओर से उसे धमकियां मिलती रहीं, जिससे वह और अधिक भयभीत हो गई।

पहले नहीं हुई सुनवाई, महिला आयोग का लिया सहारा

पीड़िता ने 24 फरवरी को पीजीआई थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने 30 मार्च को राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया और न्याय की गुहार लगाई। वहां से मामला आगे बढ़ने के बाद पुलिस हरकत में आई।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, आरोपी की तलाश जारी

पीजीआई थाने के प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।