
Sanjay Singh On Raghav Chadha: दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रही अनबन अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी ने जहां एक ओर राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है, वहीं यह भी तय किया गया है कि उन्हें सदन के भीतर बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
इस कार्रवाई के बाद राघव चड्ढा ने लगातार सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने एक वीडियो जारी कर पूछा कि आखिर उन्होंने ऐसा क्या गलत किया, जिसके चलते पार्टी ने उनके खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की। उनके इस वीडियो के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया।
राघव चड्ढा के सवालों का जवाब देते हुए राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा कई अहम मुद्दों पर पार्टी लाइन से अलग रहते हैं।
संजय सिंह ने कहा कि पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से उन्होंने निडरता और साहस के साथ संघर्ष करना सीखा है, लेकिन राघव चड्ढा कई महत्वपूर्ण मौकों पर पार्टी का साथ नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब केंद्रीय चुनाव आयोग (CEC) के खिलाफ प्रस्ताव आता है, तब राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर नहीं करते।
संजय सिंह ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटिंग से जुड़े मुद्दों, दिल्ली में चुनाव आयोग के कथित दुरुपयोग और पंजाब से जुड़े मामलों पर भी राघव चड्ढा चुप रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी राघव चड्ढा खुलकर आवाज नहीं उठाते।
उन्होंने आगे कहा कि गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की घटनाओं और केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के अधिकारों से जुड़े मामलों पर भी राघव चड्ढा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। संजय सिंह के अनुसार, ये ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर पार्टी के हर नेता को खुलकर बोलना चाहिए।
संजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि कई बार संसद में विरोध के दौरान वॉकआउट करना होता है, लेकिन राघव चड्ढा उसमें भी शामिल नहीं होते। उन्होंने कहा कि इन सभी सवालों का जवाब अब देश और जनता राघव चड्ढा से चाहती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को उजागर कर दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस विवाद को कैसे सुलझाती है और राघव चड्ढा की आगे की भूमिका क्या रहती है।