PM Awas Yojna: PM आवास के आवंटन में सचिव या प्रधान गड़बड़ नहीं कर पाएंगे। एक 'राम-बाण' तरीके से फर्जीवाड़ा रुक जाएगा।
PM Awas Yojna: कोई भी सचिव हो या प्रधान, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में फर्जीवाड़ा नहीं कर पाएंगे। फर्जीवाड़ा रोकने में Ai की मदद ली जाएगी। आवेदन पत्रों की जांच के लिए शासन ने इस बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) युक्त App आवासप्लस (Awas Plus) तैयार किया है।
आवेदक का नाम, पता और पात्रता की सभी शर्तों के मुताबिक इसमें डिटेल भरनी होगी। App आवंटन के दौरान आवेदन के दौरान खींची गई फोटो का मिलान करेगा। अंतर होने पर इस बात की जानकारी App से मिल सकेगी। ब्लॉकों में सबसे गरीब व्यक्तियों को चिह्नित कर योजनाओं का लाभ देने के निर्देश सरकार ने दिए थे।
जनवरी महीने के पहले सप्ताह से लेकर 15 मई तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सर्वे हुआ। सर्वे की आखिरी तिथि 30 अप्रैल पहले शासन ने तय की थी। 15 दिन का समय बाद में बढ़ा दिया गया। योजना के तहत इस बार सेल्फ सर्वे का भी विकल्प दिया गया था। इसी के तहत कुछ लोगों ने App को डाउनलोड कर आवेदन किया। डाटा को जांच के लिए शासन स्तर से भेजा गया है।
डेटा की जांच सचिव, ADO पंचायत और अन्य ब्लॉक स्तरीय 68 अधिकारी कर रहे हैं। घर-घर जाकर अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारी App में 13 बिंदुओं के पूछे गए सवालों का जवाब आवेदक से पूछकर भर रहे हैं।
परियोजना निदेशक आलोक कुमार का कहना है कि आवेदकों ने जो अलग-अलग फोटो सर्वे के दौरान अपलोड की है उस फोटो का मिलान Ai करेगा। अगर फोटो योजना के मानक के मुताबिक अपलोड नहीं की गई है तो वह स्वीकार नहीं होगी। इसके अलावा पहले भी कभी अगर योजना का लाभ लिया होगा तो नाम सामने आ जाएगा। इसी तरह और गड़बड़ियां भी रुक जाएंगी।