लखनऊ में एक मुस्लिम युवती ने अपनी हिंदू सहेली का ब्वायफ्रेंड से रेप करवाया। सहेली शाकिबा ने युवती को ब्लैकमेल करने के लिए उसका वीडियो भी बनाया। फिलहाल, युवती की शिकायत पर दोनों आरोपियों को गिरप्तार कर लिया गया है।
नवाबों के शहर लखनऊ में एक दोस्ती को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। सआदतगंज में एक मुस्लिम युवती अपनी हिंदू दोस्त को अपने ब्वायफ्रेंड के कमरे पर लेकर गई। युवती का ब्वायफ्रेंड भी मुस्लिम है जो कि ठेकेदारी करता है। यहां ठेकेदार ने हिंदू युवती को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
मामले की छानबीन कर रहे इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों का नाम कैसरबाग के जंबूरखाना मछली मोहल्ला निवासी शाकिबा और सआदतगंज के जवाई टोला निवासी अली उर्फ मोहम्मी मेहरान हैं। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं। अली अपने पिता की मौत के बाद से भाई के साथ मिलकर ठेकेदारी का काम करता है।
जांच के मुताबिक, पीड़िता की शाकिबा से पढ़ाई के दौरान दोस्ती हुई थी। शाकिबा अपने परिवार से अलग रहकर अली के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी, लेकिन यह बात पीड़िता से छिपाई गई। 26 अगस्त को शाकिबा ने चालाकी से पीड़िता को फोन कर कैसरबाग बुलाया। भरोसे में आकर पीड़िता वहां पहुंची, लेकिन शाकिबा ने उसे बिना बताए स्कूटी से अली के घर ले गई। वहां पहुंचकर पीड़िता को हैरानी हुई जब शाकिबा ने घर का ताला खोला, जिसकी चाबी उसके पास पहले से थी।
घर में घुसते ही अचानक अली वहां पहुंचा। उसने शाकिबा से कहा कि वह पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता है। शाकिबा ने पीड़िता को वहां से जाने की सलाह दी, लेकिन जब उसने विरोध किया, तो दोनों ने उसे बंधक बना लिया। अली ने पीड़िता की बातों को अनसुना करते हुए उसके साथ रेप की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान शाकिबा ने पूरा घटनाक्रम वीडियो में रिकॉर्ड किया, ताकि बाद में ब्लैकमेल किया जा सके। किसी तरह अपनी जान बचाकर पीड़िता ऑटो से घर पहुंची और भाई को सारी आपबीती बताई।
पीड़िता के भाई ने हिम्मत दिखाते हुए सआदतगंज थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर ने बताया कि शाकिबा और अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। पुलिस दोनों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। शुरुआती जांच में संदेह है कि यह पहली घटना नहीं है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाकिबा पहले भी कई लड़कियों को इसी तरह फंसाकर अली के हवाले कर चुकी है। अली ने इन वारदातों के बाद पीड़ितों को इज्जत के डर से चुप रहने की धमकी दी, जिसकी वजह से ज्यादातर ने शिकायत दर्ज नहीं की। यह गैंग लंबे समय से इस शर्मनाक खेल को चला रहा था।
जांच में पता चला कि शाकिबा अली के साथ रहने के लिए अपनी हर जरूरत उससे पूरी करवाती थी। अली ने उसे इस साजिश में शामिल होने के लिए उकसाया और बदले में मोटी रकम दी। पैसों के लालच में शाकिबा अपने दोस्तों को भी बर्बाद करने पर उतारू हो गई। पुलिस अब दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है।