
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों (Shiksha Mitra) और अनुदेशकों (Anudeshak) के अच्छी खबर है। बिना किसी विभागीय दिक्कत के अब इन्हें समय से पूरा मानदेय मिलेगा। इस बाबत महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने आदेश भी जारी कर दिया है, जिसका फायदा बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत करीब दो लाख संविदाकर्मी या सेवाप्रदाता कर्मियों को मिलेगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा बजट भेजने के बावजूद कभी-कभी महीनों संविदाकर्मियों को वेतन नहीं मिल पाता, जिसको लेकर शिक्षामित्र और अनुदेशक कई बार नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। इस फैसले पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों की मानदेय की समस्या का हल कर दिया है। उम्मीद है कि इसी तरह सरकार हमारी अन्य समस्याओं का समाधान भी करेगी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने जारी आदेश में कहा है कि अब खंड विकास अधिकारी हर महीने की एक से तीन तारीख के बीच प्रधानाध्यापक से शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की उपस्थिति के अनुसार उनका मानदेय बिल गूगल शीट पर अपडेट कर लेंगे। और हर हाल में पांच तारीख तक इस शीट को परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद जिला समन्यवयक भेजे गए बिल को परीक्षण करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और सहायक वित्त व लेखाधिकारी को भेजेंगे। इसके बाद बिल को पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड कर बैंक में हस्तांरण के लिए 07 से 10 तारीख तक हर हाल में भेज दिया जाएगा। ताकि सभी को समय से मानदेय मिल सके।