लखनऊ

फिर प्रसपा को मजबूत करेंगे शिवपाल, ये है प्लान, ट्वीट-ट्वीट खेलते रहे मायावती और अखिलेश

Politics: शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी पुनः मजबूत करने की घोषणा कर दी है। ईद यानि 2 मई को आजम खान की सुनवाई के बाद अभियान चलेगा।
2 min read
• •
Updated: 29 Apr 2022, 4:42 PM IST
Shivpal Announced Party Azam Khan hearing on 2 Mayawati Akhilesh war
Shivpal Announced Party Azam Khan hearing on 2 Mayawati Akhilesh war

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच नाराजगी की खार्ई और बढ़ती जा रही है। शिवपाल यादव ने एक बार फिर अपनी पार्टी प्रसपा को मजबूत करने की घोषणा कर दी है। ईद के बाद पार्टी की मजबूती के लिए सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। 2 मई को सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान की जमानत याचिका की सुनवाई भी है। माना जा रहा है कि शिवपाल और आजम मिलकर एक नए मोर्चे को गठित करेंगे जिसमें सपा से खफा नेताओं को जोड़ा जाएगा।

प्रवक्ताओं की सूची जारी
पिछले दिनों में शिवपाल यादव ने अपने भतीजे अखिलेश यादव पर कई आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि विधान सभा चुनाव के दौरान किसी निर्णय में उनको शामिल नहीं किया गया। कई बार अपमान हुआ। इसी से दोनों के बीच दरार बढ़ती गई। अब शिवपाल यादव अपनी पार्टी को प्रदेश में मजबूत करने में फिर से जुट गए हैं। प्रसपा के नेता सिद्धार्थ चौधरी का कहना है कि पार्टी ने प्रवक्ताओं की सूची जारी कर दी है। अब फिर से पार्टी की सभी इकाइयों को जिंदा किया जा रहा है। ईद के बाद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।

2 मई को आजम खान की सुनवाई
सपा विधायक आजम खान की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। आजम खान की ओर से कपिल सिब्बल ने याचिका दाखिल की है। माना जा रहा है कि आजम को जमानत मिल सकती है। इसके बाद दोनों नेता मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे।

अखिलेश-मायावती में ट्विटर वार
एक तरफ जहां सपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने अखिलेश की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती भी पीछे नहीं हैं। वह अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साध रही हैं। मायावती ने कहा कि सपा चाहती है मैं राष्ट्रपति बन जाऊं तो सपा के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाए। इस पर अखिलेश ने पलटवार करते हुए कहा सपा ने उत्तर प्रदेश चुनाव में अपना वोट बीजेपी को ट्रांसफर करा दिया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी मायावती को राष्ट्रपति बनाती है या नहीं। इस पर फिर पलटवार करते हुए मायावती ने कहा, मैं अपनी जिंदगी में फिर से प्रदेश की मुख्यमंत्री और आगे चलकर देश की प्रधानमंत्री बनने का ही सपना देख सकती हूं लेकिन देश का राष्ट्रपति बनने का सपना कभी भी नहीं देख सकती। उन्होंने कहा जो आदमी मुख्यमंत्री नहीं बन सका वह प्रधानमंत्री बनाने का सपना देखता है।
यह भी पढ़े - बसपा महासचिव सतीश चंद्र और विधायक उमाशंकर ने सीएम योगी से मिलकर सबको चौकाया, क्या बोली मायावती

Updated on:
29 Apr 2022, 4:42 PM IST
Published on: