लखनऊ

शिवपाल यादव ने मुलायम के पुत्रमोह की बताई असली वजह, कहा- 2019 के लोकसभा चुनाव में दिखाएंगे दम

इन 40 पार्टियों संग मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे शिवपाल यादव, अखिलेश के लिए बड़ा झटका...
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Sep 28, 2018
Shivpal yadav
इन 40 पार्टियों से हुआ शिवपाल का गठबंधन, मिलकर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, अखिलेश के लिए बड़ा झटका

लखनऊ. शिवपाल सिंह यादव ने चुनाव आयोग में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी नाम से अपने नये राजनीतिक दल का रजिस्ट्रेशन कराया है। वह यूपी की सभी लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की कवायद में लगे हैं। एक अखबार को दिये इंटरव्यू में शिवपाल यादव ने साफ कर दिया अब उनके सपा में वापस लौटने की गुंजाइश खत्म हो चुकी की है और वह आगामी लोकसभा चुनाव में अपना दम दिखाने को तैयार हैं। शिवपाल ने कहा कि वह छोटे-छोटे 40 दलों के संपर्क में हैं। इस दौरान उन्होंने मुलायम के पुत्रमोह की बड़ी वजह का भी खुलासा किया।

शिवपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत पुरानी पार्टी है। आज वह जहां है उसमें हमारे खून-पसीने की ताकत लगी है। हमारी नयी पार्टी को दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों का का खूब समर्थन मिल रहा है। 40 छोटे दलों से बात हो चुकी है। जल्द राजनीति में नया बदलाव दिखेगा। हमारी पार्टी गांधीवादी, लोहियावादी चौधरी चरण सिंह के अनुयायियों को एक मंच पर लाकर आगे बढ़ेगी। रणनीति पर चर्चा करते हुए शिवपाल ने बताया कि हर जिले में संगठन खड़ा कर रहे हैं। मंडल और जिला स्तरीय सम्मेलन होंगे। सदस्यता अभियान शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि हम जमीनी नेता हैं, सीधे जनता से जुड़े हैं। हवा-हवाई काम नहीं करते।

बताई- मुलायम के पुत्रमोह की असली वजह
शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी हमेशा हमारे सम्माननीय थे, हैं और रहेंगे। उनका भी स्नेह हमारे साथ था, है और हमेशा ही रहेगा। उनके ही आशीर्वाद से हमने नये दल का गठन किया है। मुलायम ने बेटे अखिलेश का साथ क्यों दिया? इस सवाल पर शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी की स्थिति भीष्म पितामह जैसी ही है। जैसे भीष्म पितामह ने मजबूरी में कौरवों का साथ दिया था, लेकिन उनका आशीर्वाद पांडवों के साथ था, ठीक वैसे ही नेताजी का आशीर्वाद हमारे साथ है, पर वह हैं समाजवादी पार्टी के साथ।

नेताजी को पीएम बनाने की इच्छा
शिवपाल यादव ने कहा कि हमारी इच्छा थी कि नेताजी समाजवादी सेक्युलर मोर्चा से मैनपुरी से चुनाव लड़ें। इसके लिये नेताजी को सम्मान सहित न्यौता भी दिया गया है। अब नेताजी को खुद अपना फैसला लेना है। शिवपाल यादव ने कहा कि हम नेताजी को संसद में देखना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि वह देश के प्रधानमंत्री बनें।

Updated on:
28 Sept 2018 01:57 pm
Published on:
28 Sept 2018 01:38 pm