लखनऊ

पूर्व विधायक और 2 पूर्व CMO समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज, सरकारी खजाने से करोड़ों की लगा रहे थे सेंध!

Shravasti Health Department Scam: यूपी के श्रावस्ती में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा घोटाला। सरकारी पैसे की लूट में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव और 2 पूर्व CMO समेत 6 लोगों पर केस दर्ज। बिना काम किए हड़पे करोड़ों रूपये। जानें पूरी खबर...

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May 30, 2026
पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव | फोटो सोर्स- facebook(@mukeshsrimla)

Shravasti Health Department Scam: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत हुए एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां सरकारी अस्पतालों में दवाओं और मेडिकल सामानों की खरीद में करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले में विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पयागपुर के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव (जो पहले कांग्रेस में थे और अब सपा में हैं) और दो पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह पूरा मामला साल 2017 से 2022 के बीच का बताया जा रहा है।

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कागजों पर दौड़ी गाड़ियां, बिना काम के ही उठाई रकम

विजिलेंस की जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्हें जानकर कोई भी हैरान रह जाएगा। अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं और जरूरी मेडिकल उपकरणों की खरीद में जमकर धांधली की जा रही थी। स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों और डॉक्टरों की मदद के लिए चलाई जाने वाली गाड़ियों के नाम पर जमकर पैसा खाया गया। सरकारी योजना के तहत असलीयत में सिर्फ एक गाड़ी चलाई जा रही थी, लेकिन हेराफेरी करके अधिकारियों और ठेकेदारों ने मिलकर तीन गाड़ियों का पूरा पैसा सरकारी खजाने से उठा लिया।

बिना रजिस्टर बनाए पास किए नकली बिल, 25% तक ली रिश्वत

जांच में सामने आया है कि श्रावस्ती के स्वास्थ्य विभाग में साल 2017-18 से लेकर 2021-22 तक बिना कोई चिकित्सा प्रतिपूर्ति रजिस्टर बनाए ही सारा काम खुलेआम चल रहा था। जब मेडिकल वाउचरों की जांच की गई, तो पता चला कि 10 से 25 फीसदी तक का मोटा कमीशन लेकर नियमों के खिलाफ जाकर वाउचर पास किए गए। इस तरह सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया।

रिटायर्ड अफसरों ने पहुंचाई ठेकेदारों को मलाई

टेंडर प्रक्रिया होने के बावजूद तत्कालीन सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह और डॉ. विपेंद्र कुमार सिंह ने अपने निजी फायदे के लिए प्रभारी चिकित्साधिकारियों को खुली छूट दे दी। साथ ही अस्पतालों के मेंटेनेंस (रखरखाव) के काम में भी बड़ा फर्जीवाड़ा मिला है। आरपी कंस्ट्रक्शन नाम की एक कंपनी ने अस्पतालों में कोई काम नहीं किया, लेकिन अफसरों से सांठगांठ करके कागजों पर काम दिखाया और पूरा पैसा हड़प लिया। दोनों रिटायर्ड सीएमओ इस जांच में दोषी पाए गए हैं।

विजिलेंस की रडार पर आए ये 6 बड़े नाम

इस बड़े घोटाले में विजिलेंस ने जिन लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है, उनमें पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव और श्रावस्ती के दो पूर्व सीएमओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह और डॉ. विपेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं। इनके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के दो बड़े बाबू कोमल प्रसाद और अनिल पांडेय को भी नामजद किया गया है, जिन्होंने इन फर्जी फाइलों को पास करवाया था। वहीं फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी के मालिक राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव पर भी केस दर्ज हुआ है।


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