लखनऊ

भगवान कृष्ण बयान विवाद: मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान पर BJP ने लगाए पोस्टर, पूछा- अखिलेश यादव चुप क्यों?

Maulana Jargees Ansari: भगवान कृष्ण पर मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान के बाद यूपी में विवाद बढ़ गया। भाजपा नेता मनीष यादव ने पोस्टर लगाकर अखिलेश यादव से जवाब मांगा। वहीं, सपा नेताओं ने पोस्टर फाड़कर भाजपा का विरोध किया।
2 min read
Jul 18, 2026
Shri Krishna
भाजपा नेता मनीष यादव ने पोस्टर लगाकर अखिलेश यादव से जवाब मांगा। (X Photo)

Shri Krishna Statement Controversy: उत्तर प्रदेश में भगवान कृष्ण को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान को लेकर राजनीति तेज हो गई है। बयान का वीडियो सामने आने के बाद विरोध शुरू हुआ और अब मामला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक विवाद बन गया है। लखनऊ में भाजपा नेता मनीष यादव ने पोस्टर लगाकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। पोस्टर को लेकर दोनों दलों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं, वहीं संत समाज और कई संगठनों ने भी नाराजगी जताई है।

भाजपा ने अखिलेश यादव से पूछे सवाल

इस मामले को लेकर भाजपा नेता मनीष यादव ने लखनऊ में पोस्टर लगाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सवाल किए। पोस्टरों के जरिए पूछा गया कि भगवान कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर अखिलेश यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। भाजपा की ओर से सवाल उठाया गया कि अगर किसी दूसरे धर्म से जुड़ा कोई मामला होता तो राजनीतिक बयान सामने आते, लेकिन इस मामले में सपा की चुप्पी क्यों है।

सपा नेताओं ने फाड़े पोस्टर

भाजपा की ओर से लगाए गए पोस्टरों के बाद लखनऊ में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। कुछ सपा नेताओं ने इन पोस्टरों को फाड़ दिया। इसके बाद भाजपा और सपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश बताया, जबकि सपा की ओर से पोस्टर लगाने की राजनीति पर सवाल उठाए गए।

संत समाज ने जताई नाराजगी

इस विवाद पर संत समाज के कुछ लोगों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि भगवान कृष्ण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े हैं और उनके बारे में किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। संतों ने सभी लोगों से धार्मिक विषयों पर संयमित भाषा का इस्तेमाल करने की अपील की और संबंधित मामले में कार्रवाई की मांग की।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी दी प्रतिक्रिया

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी इस बयान से दूरी बनाई है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म और आस्था के खिलाफ गलत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। सभी धर्मों और उनकी मान्यताओं का सम्मान करना जरूरी है। फिलहाल यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।


Updated on:
18 Jul 2026 08:36 pm
Published on:
18 Jul 2026 08:36 pm