
Sanjay Singh: सोनम वांगचुक की मांगों और देशभर में सामने आए पेपर लीक के मामलों पर संसद में चर्चा की मांग तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर सदन की कार्यवाही स्थगित करने और सोनम वांगचुक के मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की है। लखनऊ में आयोजित पार्टी की प्रदेश स्तरीय बैठक में संजय सिंह ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदेशभर में प्रदर्शन का भी ऐलान किया।
लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि मैंने सदन में सभी निर्धारित कार्यवाहियों को स्थगित करने की मांग करते हुए अध्यक्ष को नियम 267 के तहत पत्र भेजा है ताकि सोनम वांगचुक की मांगों और पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा की जा सके।
लखनऊ के चौक स्थित नेहरू युवा केंद्र में आम आदमी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित हुई। महिला प्रदेश अध्यक्ष छवि यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने मोदी और योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें देश को खोखला कर रही हैं। उन्होंने सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हटाए जाने की घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया और ऐलान किया कि इसके विरोध में अगले दिन उत्तर प्रदेश भर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता बिना बैनर और पोस्टर के प्रदर्शन करेंगे।
संजय सिंह ने जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक को बंद कराने का काम कर रही है। उनका कहना था कि शिक्षा संस्थानों को बचाना जरूरी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
दिल्ली में सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि उनकी सेहत बिगड़ने का दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि पिछली शाम की मेडिकल रिपोर्ट में पोटैशियम लेवल 4.3 सहित सभी स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य थे। उनका आरोप है कि अगर प्रशासन को वास्तव में उनकी सेहत की चिंता होती तो परिवार को जानकारी देकर मेडिकल जांच कराई जाती, न कि पुलिस के जरिए उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया जाता।
उन्होंने कहा कि परिवार अपनी पसंद के डॉक्टरों के पास उनका इलाज कराना चाहता है और अस्पताल का मौजूदा माहौल उनके ब्लड प्रेशर पर भी असर डाल रहा है।