लखनऊ

Meenakshi Natarajan News: ’50 साल राज करने वाली कांग्रेस एक फॉर्म भी ठीक से नहीं भर सकी’, मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने पर भड़की सपा

Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा पर्चा खारिज होने पर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा भड़के। कहा- 50 साल राज करने वाली पार्टी एक फॉर्म तक ठीक से नहीं भर पाई, यह बड़ी लापरवाही है। जानें पूरा मामला...
2 min read
Jun 10, 2026
Congress Election Mistake, Political News India
मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने पर भड़की सपा | फोटो सोर्स- IANS

Samajwadi Party on Congress: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन (पर्चा) रद्द होने के बाद अब राजनीति गर्मा गई है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिस पार्टी ने देश पर 50 साल राज किया, जिसके पास इतने अनुभवी लोग हैं, उसकी तरफ से ऐसी बुनियादी गलती होना बहुत ही हैरान कर देने वाला है। यह सीधे-सीधे लापरवाही का मामला है।

जब जाना तय था, तो इतनी बड़ी गलती कैसे हुई?

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस बात पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी को खुद सोचना चाहिए कि उनके पास पूरा सिस्टम है, अनुभवी लोग हैं। इसके बावजूद उनका वो उम्मीदवार, जिसका राज्यसभा जाना बिल्कुल पक्का था, एक फॉर्म तक ठीक से नहीं भर पाया और न सही जानकारी दी गई और न ही जरूरी हलफनामा जमा किया गया। यह सिर्फ और सिर्फ लापरवाही है।

'ऐसे कैसे लड़ेंगे बीजेपी से?'

कांग्रेस को आईना दिखाते हुए सपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि राज्यसभा जैसी बड़ी सीटों के चुनाव में इस तरह की गलतियां नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस इस तरह की लापरवाही करेगी, तो ऐसा लगेगा कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) से लड़ने के लिए गंभीर ही नहीं है। बीजेपी से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को सीरियस होना पड़ेगा।

क्यों रद्द हुआ मीनाक्षी नटराजन का पर्चा?

बीजेपी ने शिकायत की थी कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने चुनावी कागजातों में तेलंगाना कोर्ट में चल रहे एक केस की जानकारी छिपाई है। चुनाव अधिकारी ने जांच के बाद इस आरोप को सही पाया। उन्होंने कहा कि फॉर्म-26 में केस की जानकारी न देना नियमों के खिलाफ है और इसके बिना हलफनामा (शपथ पत्र) अधूरा माना जाता है। मतदाताओं से जानकारी छिपाना चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है, इसलिए उनका नामांकन रद्द कर दिया गया।

चुनाव आयोग के बाहर धरने पर बैठी कांग्रेस

नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग का रुख किया, लेकिन जब जयराम रमेश को दफ्तर के अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली, तो नाराज कांग्रेसी बाहर ही धरने पर बैठ गए। इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सीधा आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक उम्मीदवार का मामला नहीं बल्कि चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता का सवाल है और देश में खुलेआम 'लोकतंत्र की हत्या' की जा रही है।

Updated on:
10 Jun 2026 04:02 pm
Published on:
10 Jun 2026 02:41 pm