लखनऊ

‘भगवा पहनकर, भगवान राम के साथ हुआ छल’, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह बोले- BJP समाज को कर रही भ्रमित

UP Politics News: सपा के सांसद वीरेंद्र सिंह ने भगवा रंग और भगवान राम को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। वीरेंद्र सिंह ने अपने बयान में BJP पर भगवा की आड़ में समाज को भ्रमित करने का गंभीर आरोप लगाया। जानिए क्या हे पूरा मामला...

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Jun 10, 2026
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सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने बीजेपी पर दिया बयान (फोटो- पत्रिका)

Virendra Singh Statement:उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन को लेकर विवाद जारी है। इस बीच अब समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भगवा रंग पहनकर भगवान राम के साथ छल किया गया है।

समाज को भ्रमित करने का लगाया आरोप

समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने सीधे तौर पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि बीजेपी धर्म और भगवान के नाम पर सिर्फ राजनीति करती आई है। सांसद का यह आरोप भी है कि भारतीय जनता पार्टी समाज में भ्रम फैलाने का काम कर रही है और जनता को असल मुद्दों से भटका रही है। वीरेंद्र सिंह के मुताबिक भगवा रंग की आड़ में जो सियासत की जा रही है वह असल में भगवान राम के साथ एक बहुत बड़ा धोखा और कपट है।

तय है नया सियासी घमासान

यूपी की मौजूदा राजनीतिक सरगर्मी के बीच सपा सांसद का यह बयान आग में घी डालने का काम कर सकता है। भगवा रंग और भगवान राम का मुद्दा उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति में हमेशा से बेहद संवेदनशील रहा है। ऐसे में वीरेंद्र सिंह के इस सीधे और आक्रामक बयान पर अब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की तरफ से भी कड़ी पलटवार की पूरी संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर यूपी में नया सियासी घमासान देखने को मिल सकता है।

ये है पूरा मामला

बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को X पोस्ट करते हुए अयोध्या के भव्य राम मंदिर से जुड़ा बेहद गंभीर दावा किया था। अखिलेश ने कहा था कि राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम रकम गायब हो गई है। अपने पोस्ट में अखिलेश ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और सरकार को भी घेरा। इसके साथ ही पूरे मामले में राज्य सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताया। इतना ही नहीं अखिलेश यादव ने कोर्ट से इस पूरे मामले में स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की थी। तभी से यूपी की राजनीति में राम मंदिर चढ़ावे और दान की रकम में हेराफेरी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।