
STF Cracks Down on Shubham Lonkar Gang: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और मुंबई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतर्राष्ट्रीय कुख्यात अपराधी शुभम लोनकर गैंग के मुख्य शूटर समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी फिल्म निर्माता Rohit Shetty के मुंबई के जुहू स्थित आवास पर 1 फरवरी 2026 की रात हुई फायरिंग की घटना के खुलासे के बाद की गई है। इस सनसनीखेज वारदात से फिल्म इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया था। 15 फरवरी को मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
पुलिस के अनुसार, 1 फरवरी 2026 की देर रात जूहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी के आवास के बाहर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी। घटना का उद्देश्य दहशत फैलाना और कथित तौर पर धमकी देना बताया जा रहा है। हालांकि घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन गोलीबारी की खबर फैलते ही फिल्म जगत और स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बन गया। जूहू जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके में इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए थे।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पेशेवर अपराधियों की संलिप्तता के संकेत मिले। इसके बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ को भी जांच में शामिल किया गया। एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह की गतिविधियों का नेटवर्क तैयार किया गया। जांच में सामने आया कि यह वारदात शुभम लोनकर गैंग द्वारा अंजाम दी गई थी। इसके बाद संयुक्त टीम ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में दबिश देना शुरू किया।
संयुक्त कार्रवाई के तहत गिरोह के मुख्य शूटर सहित सात आरोपियों को झज्जर (हरियाणा), आगरा और नोएडा से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य शूटर को हरियाणा के झज्जर से दबोचा गया, जबकि अन्य सदस्य आगरा और नोएडा में छिपे हुए थे। आरोपियों के पास से हथियार, कारतूस और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के तार अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से भी जुड़े होने की आशंका है, जिसकी जांच जारी है।
रोहित शेट्टी हिंदी फिल्म उद्योग के प्रमुख निर्देशकों में गिने जाते हैं। उनके आवास पर फायरिंग की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। घटना के बाद कई कलाकारों और निर्माताओं ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी। जुहू, अंधेरी और बांद्रा जैसे इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई थी।
पुलिस अभी तक इस सवाल की गहराई से जांच कर रही है कि फायरिंग का असली उद्देश्य क्या था। प्रारंभिक जांच में इसे धमकी और दहशत फैलाने की कोशिश माना जा रहा है। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह रंगदारी या आपराधिक दबाव बनाने की साजिश हो सकती है। हालांकि पुलिस ने इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शुभम लोनकर गैंग कई राज्यों में सक्रिय रहा है। इस गिरोह पर पूर्व में भी रंगदारी, अवैध वसूली और हथियारबंद वारदातों के आरोप लगते रहे हैं। गैंग के सदस्य कथित तौर पर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के माध्यम से संपर्क में रहते थे। वारदात के बाद तुरंत लोकेशन बदलना और डिजिटल ट्रेस मिटाने की कोशिश करना इनके काम करने का तरीका बताया जा रहा है।
लगातार जांच और दबिश के बाद 15 फरवरी को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। संयुक्त प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस वारदात के पीछे किसी बड़े आपराधिक सिंडिकेट की भूमिका तो नहीं है।
इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश और मुंबई पुलिस ने आपसी समन्वय को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की सुरक्षा समीक्षा भी की जा रही है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि अंतर्राज्यीय अपराध पर अंकुश लगाने के लिए तकनीकी निगरानी और खुफिया नेटवर्क को और सशक्त बनाया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में प्रयुक्त हथियार कहां से आए और क्या इनके पीछे कोई बड़ा आर्थिक या आपराधिक हित जुड़ा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठित अपराधी गिरोह को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।