
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के एक छात्र का नवाचार जानकर आप चौंके जाएंगे। छात्र ने एक साइकिल तैयार की है। यह साइकिल सामान्य साइकिलों से दोगुनी रफ्तार से दौड़ती है। यह चार्जिंग वाली साइकिल जल्द ही देश के बाजारों में उपलब्ध होगी। दरअसल, छात्र ने आईआईटी की मदद से दिवव्यांग के लिए इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल तैयार की है। इसकी पहल 12वीं के छात्र गौरव कटियार ने की है। उन्होंने इसे तैयार किया है। दिव्यांगों की समस्याओं को देखते हुए यह विशेष फ्रेम में तैयार की गई है। इसकी गुणवत्ता बाजार में उपलब्ध अन्य साइकिलों से अच्छी है। बता दें कि गौरव ने आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों की मदद से कंपनी साइकिल स्पीड भी विकसित की है, जिसके उत्पादों का अब दिव्यांग उपयोग कर सकेंगे।
इस साल इंटर की परीक्षा दे रहे गौरव इलेक्ट्रिक साइकिल पर दो साल से रिसर्च कर रहे हैं। उनके आइडिया और प्रयास को देखते हुए आईआईटी के वैज्ञानिक न सिर्फ मदद कर रहे हैं बल्कि उनकी कंपनी साइकिल स्पीड को इंक्यूबेट भी किया है। गौरव ने बताया कि साइकिल के साथ दिव्यांगों की समस्या को देखते हुए ऐसा किया है। इसकी फ्रेमिंग ऐसी है कि किसी भी दिव्यांग को इसमें चढ़ने-उतरने या बैठने में दिक्कत नहीं होगी। लीथियम बैटरी का प्रयोग किया गया है, जो ट्राई साइकिल में प्रयुक्त हो रही बैटरी से हल्की है और इसकी गुणवत्ता करीब 30 फीसदी अधिक बेहतर है।
2-3 घंटे तक चलेगी साइकिल की बैटरी
गौरव ने बताया कि यह अधिक देर तक चार्ज रहती है और इसकी उम्र भी सामान्य बैटरी से करीब डेढ़ गुना अधिक है। वर्तमान में ट्राई साइकिल में लेड एसिड बैटरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। गौरव के मुताबिक ट्राई साइकिल की कीमत वर्तमान में उपलब्ध ट्राई साइकिल के समान ही है। नई तकनीक पर आधारित यह ट्राई साइकिल लोगों को पसंद आएगी।
इलेक्ट्रिक साइकिल अब बाजारों में होगी उपलब्ध
गौरव ने बताया कि इलेक्ट्रिक साइकिल पूरी तरह तैयार हो गई है। प्रोटोटाइप हर बिंदु पर पास हो गया है। इसी साल दिसंबर अंत तक इलेक्ट्रिक साइकिल बाजार में उपलब्ध होगी। ये साइकिल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के हर बाजार में उपलब्ध होगी।