लखनऊ

बंगाल पर भाजपा जबरदस्ती ‘कब्जा’ करना चाह रही, जांच एजेंसियों के नाम पर मचा रखी लूट

ED Raid IPAC Office Kolkata : अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा बंगाल में बुरी तरह हार रही है। यह पहला प्रमाण है।
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Updated: 8 Jan 2026, 6:37 PM IST
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अखिलेश यादव ने आई-पैक के ऑफिस में हुई छापेमारी को पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार का प्रमाण बताया, PC-IANS

लखनऊ : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कोलकाता में आई-पैक ऑफिस और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इस छापेमारी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के लिए काम करने वाली कंपनी आई-पैक के ऑफिस में हुई छापेमारी को पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार का प्रमाण बताया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा बंगाल में बुरी तरह हार रही है। यह पहला प्रमाण है।

इससे पहले सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी की आगामी विधानसभा चुनाव रणनीति, उम्मीदवारों की सूची, आंतरिक डेटा और वित्तीय दस्तावेजों को केंद्रीय जांच एजेंसी ने छापेमारी के नाम पर 'लूट' लिया है।

'छापेमारी को बताया अपराध'

उन्होंने कहा कि ईडी अधिकारियों द्वारा साल्ट लेक स्थित उनकी पार्टी की रणनीति के लिए काम करने वाली एजेंसी ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी और तलाशी अभियान को एक 'अपराध' के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि भाजपा बंगाल पर जबरदस्ती 'कब्जा' करना और उसे 'कुचलना' चाहती है।

'भाजपा ने हमारा डाटा लूट लिया'

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, 'छापेमारी के नाम पर उन्होंने हमारी पार्टी की चुनाव रणनीति चुरा ली है, जो एक अपराध है। उन्होंने हमारा डेटा, उम्मीदवारों की सूची, बूथ एजेंटों की सूची, हार्ड डिस्क, एसआईआर से संबंधित डेटा, हमारी पार्टी से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, राजनीतिक दस्तावेज, बैंक खाते की जानकारी और आंतरिक डेटा भी लूट लिया है। उन्होंने मेरी पार्टी से संबंधित सारी जानकारी चुरा ली है। उन्होंने सब कुछ लूट लिया है।'

सीएम ममता बनर्जी ने आई-पैक के साल्ट लेक सेक्टर में मौजूद ऑफिस का उस समय दौरा किया, जब ईडी की टीम छापेमारी कर रही थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि आई-पैक को किसी कॉर्पोरेट संस्था के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति को लागू करने में लगी हुई है, इसलिए छापे जानबूझकर मारे गए, जिनका एकमात्र उद्देश्य हमारी चुनावी रणनीति को भाजपा को सौंपना था।

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8 Jan 2026, 6:37 PM IST
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