लखनऊ

यूक्रेन के गांवों और झाड़ियों में छुपकर पढ़ा रहे शिक्षक, क्या अधूरा रह जाएगा छात्रों का MBBS डॉक्टर बनने का सपना

Ukrain Russia War on MBBS Students: यूक्रेन से पढ़ाई कर रहे छात्रों के अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। फिलहाल शिक्षक अभी चोरी छुपे छात्रों को ऑनलाइन क्लासेज दे रहे हैं। लेकिन भविष्य के लिए कुछ कहा नही जा सकता।

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May 09, 2022
Ukrain Professor Teaching hiding in villages MBBS Students Worried abo

कहते हैं यदि माता-पिता के बाद कोई आपके हित में सोचने वाला होता है तो वह होता शिक्षक। यूक्रेन के ऐसे हालातों के बाद लाखों छात्रों के भविष्य में संकट गहरा रहा है। ऐसे में यूक्रेन स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बच्चों के भविष्य संवारने में जुटे हैं। देश में रूस लगातार मिसाइलें और बम बरसा रहा है। चौतरफा सैकड़ों लोग मर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कानपुर, लखनऊ समेत तमाम शहरों में लौटे मेडिकल छात्र पढ़ाई करने में जुटे हैं। विपरीत हालात में भी वहां के शिक्षक अपना फर्ज अदा कर रहे हैं। आलम यह है कि कीव और खारकीव स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के शिक्षक अपने घर छोड़कर पोलैंड और हंगरी बॉर्डर पार कर गांवों में छिपकर ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। टर्नोपिल व डेनिप्रो स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपने घर लौट आए हैं और नियमित रूप से क्लास ले रहे हैं। वहां चल रही स्थितियों के लेकर और पढ़ाई के विषय में लौटे छात्रों ने पत्रिका के साथ अपनी बातें साझा की। छात्रों ने बताया कि फिलहाल मेडिकल यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसर चोरी छुपी पढ़ा रहे हैं। यूनिवर्सिटी मई और जून में होने वाले सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी करा रहे। हालांतकि यह तय नहीं है कि परीक्षाएं होंगी ही।

20 मार्च से शुरू हो गई थी ऑनलाइन क्लास

भीषण युद्ध के बीच मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने वाले दूसरे देशों के छात्रों का नुकसान न हो, इसे देखते हुए ऑनलाइन कक्षाएं 20 मार्च से शुरू हो गई हैं। कीव, खारकीव में रहने वाले सभी प्रोफेसर पोलैंड व हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। वहीं से नियमित क्लास ले रहे हैं। यूक्रेन से लौटे दिव्यम, नितिन, विशाखा, प्रीति यादव, अक्षरा, आरव आदि छात्रों ने बताया कि नियमित रूप से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है।

थ्योरी हम पढ़ा देंगे, प्रैक्टिकल आप करा लीजिए

यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से छात्रों संग केंद्र सरकार को भी पत्र भेजा गया है। जिसमें मंत्रालय ने लिखा है कि उनकी मेडिकल यूनिवर्सिटी छात्रों को पूरी थ्योरी पढ़ाएंगी। किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। वे स्थानीय रूप से छात्रों का प्रैक्टिकल व इंटर्नशिप पूरा करा लें। ये पत्र अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को भेजा गया है।

रोजाना करीबन 6 घंटे की होती है क्लास

छात्र दिव्यम तिवारी के अनुसार रोजाना ऑनलाइन क्लास करीब 5 से 6 घंटे के बीच चलती है। हालांकि इसका कोई निर्धारित समय नहीं है। सुबह 9 से शाम 5.30 बजे के बीच अलग-अलग क्लास के लिंक मोबाइल नंबर पर आते रहते हैं, जिसके माध्यम से छात्र जुड़कर पढ़ाई करते हैं। इसमें देश कई राज्यों के छात्र जुड़ते हैं।

प्रदेश के करीब 2 हजार युवा कर रहे हैं यूक्रेन से पढ़ाई

यूक्रेन स्थित नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी और इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी से शहर के करीब 2 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। रूस के हमले के बाद सभी लौट आए हैं। वर्तमान में वे यूक्रेन से ही ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं। हालांकि कई छात्र-छात्राएं देश में ही दाखिला दिलाने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों के भविष्य पर अभी भी संकट गहराया है। वहीं कुछ छात्र वापस जाना ही नहीं चाहते हैं।

Updated on:
09 May 2022 11:28 am
Published on:
09 May 2022 11:26 am
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